महिला पुलिसकर्मी ने पेश की मानवता की मिसाल, चिलचिलाती धूप में 86 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 5 किलोमीटर कंधे पर उठाकर पहुंचाया घर

हम लोगों को अक्सर फिल्मों में पुलिस को भ्रष्ट तथा रिश्वतखोर दिखाया जाता है लेकिन असल जिंदगी में पुलिस वाले ऐसा नहीं है. देश या राज्य में नियम और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस का बहुत बड़ा योगदान होता है. पुलिस हर समय हमारी सुरक्षा में तैनात रहती है जिससे हम अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं.

पुलिस हमेशा लोगों की मदद के लिए सबसे आगे रहती है. इसी बीच एक मामला गुजरात से सामने आ रहा है जहां पर एक महिला पुलिसकर्मी ने मानवता की अनोखी मिसाल पेश की है. दरअसल गुजरात के कक्ष में एक मंदिर में मोरारी बापू की राम कथा सुनने के लिए गई एक बुजुर्ग महिला बेहोश हो गई थी.

महिला पुलिसकर्मी ने इस बुजुर्ग महिला की मदद की महिला पुलिसकर्मी ने रेगिस्तान की प्रचंड गर्मी में बुजुर्गों को 5 किलोमीटर पैदल अपने कंधे पर उठाकर सकुशल उसके घर पहुंचाया. महिला पुलिसकर्मी द्वारा किए गए इस नेक काम की खूब तारीफ हो रही है. गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस महिला पुलिसकर्मी की सराहना की है.

जानकारी के अनुसार, कक्ष के खादिर द्वीप पर स्थित भंजदा दादा के मंदिर में मोरारी बापू की राम कथा चल रही थी. इसी दौरान एक 86 वर्षीय बुजुर्ग महिला कथा सुनने के लिए पहाड़ी पर चढ़ रही थी इतनी तेज गर्मी को बर्दाश्त ना करने के कारण व महिला बेहोश हो गई और जमीन पर गिर गई.

जब इस बात की जानकारी वहां मौजूद महिला कॉन्स्टेबल वर्षाबेन परमार को हुई तो वह रेगिस्तान की भीषण गर्मी में 5 किलोमीटर पैदल चलकर बुजुर्ग महिला के पास पहुंची और उसे पानी और प्राथमिक उपचार दिया.

महिला पुलिसकर्मी वर्षाबेन परमार ने उस बुजुर्ग महिला को अपने कंधे पर उठा लिया और 5 किलोमीटर पैदल चलकर सकुशल उसको वापस उनके घर तक छोड़ दिया. महिला पुलिस कर्मी की मदद के बाद बुजुर्ग महिलाओं ने जमकर आशीर्वाद दिया. महिला पुलिसकर्मी की इस नेक काम की हर कोई तारीफ कर रहा है.