पत्नी ने पेश की मिसाल, पति के मौ’त के बाद चुकाया 5000 करोड़ का कर्ज : ऐसी है कैफ़े कॉफ़ी डे की कहानी

हर इंसान की जिंदगी में बुरा समय जरूर आता है। उसमें से कुछ ऐसे होते हैं जो बहादुरी से इस बुरे समय का मुकाबला कर लेते हैं लेकिन उसमें से कुछ ऐसे भी होते हैं जो इन बुरे समय के आगे हिम्मत हार जाते हैं। जो हिम्मत हार जाते हैं वह गुमनामी की दुनिया में गुम हो जाते हैं।लेकिन जो बहादुरी से इस बुरे वक्त का मुकाबला कर लेते हैं वह अपनी किस्मत अपने हाथ से लिखते हैं। आज के लेख में आपको बताएंगे ऐसे ही प्रेरणादायक क़िस्सा कॉफी डे के संघर्ष भरे दिनों के बारे में। कैसे मालविका हेगड़े ने अपने पति के ना रहने पर भी हजारों करोड़ का कर्जा चुकाया और कंपनी भी बचा ली।

यह भी पढ़ें-: फिल्मों में बूढ़ी दिखने वाली यह 5 अभिनेत्रियां, रियल लाइफ में हैं बेहद ग्लैमरस, देखें तस्वीरें

पति ने किया सुसाइड

कैफे कॉफी डे देशभर के युवाओं में काफी लोकप्रिय है। पहली सैलरी मिले या दोस्तों के साथ पार्टी करनी हो या गर्लफ्रेंड के साथ डेट पर जाना हो हर युवा की पहली पसंद कैफे कॉफी डे ही होता है। लेकिन इस कैफ़े चेन को एक बड़ा झटका तब लगा जब इसके संस्थापक वीजी सिद्धार्थ ने आत्महत्या कर ली। उनका शव मेंगलुरु के पास एक नदी में 36 घंटे की गहन तलाशी के बाद बरामद हुआ था। बताया जाता है कि भारी कर्जे से परेशान सिद्धार्थ में आत्महत्या कर ली थी। सिद्धार्थ के ऊपर कई बैंकों का करीब 7000 करोड़ रुपए का कर्ज था।

यह भी पढ़ें-: मशहूर अभिनेत्री रीमा लागू की बेटी है बेहद खूबसूरत, तस्वीरें देख आप भी रह जाएंगे दंग

पत्नी मालविका ने नहीं हारी हिम्मत

पति के अचानक आत्मघाती कदम से मालविका तो पहले टूट गई। लेकिन कैफ़े बंद होने और हजारों कर्मचारियों के सड़क पर आ जाने की चिंता सताने लगी। इसके बावजूद मालविका ने हिम्मत जुटाई और उन्होंने यह मन में ठान लिया कि वह कैफ़े बंद नहीं होने देंगी। इसके बाद उन्होंने कई बैंकों से बातचीत की और बैंक वालों ने उनकी हिम्मत को देखते हुए उनको एक और मौका दिया।

यह भी पढ़ें-: अंबानी के बेटे से पंगा लेना शाहरुख खान को पड़ा महंगा, भरी महफिल में होना पड़ा था शर्मिंदा, देखें वीडियो

कैफ़े चेन को कर्जे से उबारा

इसके बाद मालविका ने गजब की प्रतिबद्धता दिखाते हुए कंपनी के हजारों कर्मचारियों के साथ मिलकर नए सिरे से मेहनत शुरू कर दी। इसमें देश भर के कैफे में काम कर रहे लगभग 7000 कर्मचरियो ने भी उनका भरपूर साथ दिया। ईमानदारी के साथ की गई मेहनत रंग लाने लगी और 2 साल के अंदर ही कंपनी ने करीब आधा कर्ज चुका दिया।

यह भी पढ़ें-: शादी के 6 महीने बाद गुजर गया बेटा, बहू को पढ़ाया, लेक्चरर बनाया, फिर धूमधाम से कर दी शादी

बरकरार है कैफे कॉफी डे की बादशाहत

एक समय बिखर जाने की कगार पर पहुंच चुका कैफे कॉफी डे की बादशाहत आज उसी रुतबे के साथ बरकरार है। भारत के 165 शहरों में 550 आउटलेट्स के साथ कैफे कॉफी डे कारोबार कर रहा है। 36000 वेंडिंग मशीन के साथ कैफे कॉफी डे देश का सबसे बड़ा कॉफी सर्विस ब्रांड है। वही कंपनी की मालकिन मालविका हेगडे अब सीसीडी सीईओ का पद संभालने जा रही हैं। वाकई मालविका उन हजारों महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है जो खराब वक्त के सामने हिम्मत हार जाती हैं।