जयपुर में शहीद हुआ यूपी का लाल, तिरंगे में लिपटा शव पहुंचा गांव तो उमर पड़ा जज्बातों का सैलाब

जिस बेटे को मां बाप ने बड़े ही प्यार से पाल पोस कर बड़ा किया हो और उसके असमय मौत से बड़ा दुख दुनिया में और कुछ नहीं हो सकता. लेकिन अगर बेटा देश की सेवा के लिए शहीद हुआ हो तो दुख के साथ ही वह क्षण गर्व की अनुभूति भी कराता है. एक ऐसा ही भावनाओं का कुछ मिलाजुला सैलाब देखने को मिला है जहां देश की रक्षा के लिए शहीद होकर उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा है.

दरअसल आपको बता दें कि यह पूरा मामला उन्नाव का है जहां शहीद अभिषेक कुमार का पार्थिव शरीर सोमवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा. बता दें कि अभिषेक कुमार जम्मू और कश्मीर राइफल्स की चौथी बटालियन के राइफलमैन थे. ऐसे में ड्यूटी के दौरान शहीद होने की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंचा तो उनके गांव में कोहराम सा मच गया. शहीद बेटे के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था वहीं क्षेत्र के शासन प्रशासन ने शहीद अभिषेक सिंह का पार्थिव शरीर उनके गांव लाने की तैयारी पूरी की गई.

गौरतलब बात क्या है कि अभिषेक कुमार को वीरगति प्राप्त होने पर उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि दी. इसके साथ ही सीएम योगी ने शहीद के परिजनों को 5 लाख की आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का पत्र जारी किया है. वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से शहीद के गांव तक जाने वाली मार्ग को दुरुस्त कराने का काम किया इसके लिए जगह-जगह जेसीबी लगाकर सड़क के गड्ढे भरे गए.

वहीं सोमवार की सुबह जैसे ही अभिषेक कुमार का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा तो सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठे हो गए. तिरंगे में लिपटा शव को देखकर जहां परिजनों का हाल बुरा हो रहा था तो वही गांव के लोगों ने अपने शहीद को नारे और जयकारे के साथ विदा किया. इस मौके पर गांव के लोगों ने अपने हाथों में तिरंगा लहराते हुए शहीद के सम्मान में नारे लगाए.

इस मामले में मीडिया से बातचीत करते हुए उपजिलाधिकारी सदर अंकित शुक्ला ने बताया कि अभिषेक कुमार वर्तमान में जयपुर में पोस्टेड थे और वही ड्यूटी के दौरान उन्हें डेंगू हो गया था. हालांकि उनका उपचार बीते कुछ दिनों से चल रहा था पर अचानक उनकी मृत्यु हो गई.

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