बेहद विशेष है भारत का यह अद्भुत मंदिर, प्रसाद में दिए जाते हैं सोना और चांदी, कोई भक्त नहीं लौटता खाली हाथ

हमारे भारत देश में कई ऐसी पुरानी और अनोखी मंदिर है जिनका अपना एक महत्व है. कई मंदिर अपनी विशेषता और चमत्कार के लिए दुनिया भर में लोकप्रिय है. देश के इस मंदिरों में भक्तजन लाखों की संख्या में दर्शन के लिए आते हैं. वैसे तो हमारे भारत देश में कई ऐसे भी मंदिर हैं जिनकी मान्यताएं भी अलग-अलग हैं लेकिन आज हम आपको भारत देश के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहा है जिसे जानने के बाद आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे.

जी हां आपको बता दें कि हमारे देश में एक ऐसा भी मंदिर है जहां पर प्रसाद के रूप में सोना चांदी जैसे आभूषण मिलते हैं. इस मंदिर में जो भी भक्तजन दर्शन के लिए आते है वह अपने साथ सोना चांदी के सिक्के लेकर जाते हैं. दरअसल आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बता रहे हैं वह मध्य प्रदेश के रतलाम में स्थित है इस अनोखे मंदिर का नाम महालक्ष्मी मंदिर हैं.

माता लक्ष्मी के इस मंदिर में लाखों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं. भक्तजन यहां आकर करोड़ों रुपए के जेवर और नगदी माता के चरणों में अर्पित करते हैं. महालक्ष्मी मंदिर देश का एक ऐसा अद्भुत मंदिर है जहां भक्त दीपावली से पहले अपने घर से जेवर और नगदी भेट करते हैं तो कोई सोने और चांदी के गहने यहां पर भेंट करता है. इस मंदिर को कुबेर के खजाने के नाम से भी जाना जाता है.

इस मंदिर की प्रसिद्धि कुबेर के खजाने के रूप में है. दीपावली के 5 दिनों के दौरान यह मंदिर कुबेर का खजाना लगता है. इस मंदिर में हार फूल से सजावट नहीं होती बल्कि नोटों की गड्डियों के हार बनाए जाते हैं. इस मंदिर को लेकर ऐसा भी कहा जाता है कि धनतेरस पर महिला भक्तों को यहां कुबेर की पोटली दी जाती हैं.

इस मंदिर की ऐसी भी मान्यता है कि यहां आने वाली किसी भी वक्त को खाली हाथ नहीं लौटाया जाता है उन्हें कुछ ना कुछ प्रसाद के रूप में दिया जाता है. महालक्ष्मी मंदिर को लेकर ऐसी भी मान्यता है कि धनतेरस से लेकर दिवाली के बीच माता लक्ष्मी जी के चरणों में और उनके दरबार में जो कुछ चढ़ाया जाता है वह कई गुना होकर मिलता हैं.

यही कारण है कि यहां लाखों की संख्या में भक्त सोना चांदी लेकर पहुंचते हैं और माता के चरणों में अर्पण करते हैं. इतना ही नहीं बल्कि इससे साल भर सुख समृद्धि भी बनी रहती है.