इस शख्स ने अपने घर को बनाया “लता जी का मंदिर”, प्यार ऐसा कि आज तक हैं कुंवारा

पिछले दिनों 6 फरवरी को भारत की महान गायिका भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन हो गया। लता जी की मृत्यु से भारतीय संगीत जगत में एक युग का अंत हो गया। यूं तो लता जी के चाहने वाले करोड़ों लोग थे लेकिन आज हम लता जी के एक ऐसे जबरा फैन से आपको मिलवायेंगे जिससे मिलकर आप दंग रह जाएंगे।

लता जी के इस जबरा फैन का नाम गौरव शर्मा है। गौरव शर्मा पेशे से एक शिक्षक हैं लेकिन वह लता जी के दीवाने हैं। गौरव बताते हैं कि वह लता जी को भगवान की तरह पूजते हैं। इसलिए उन्होंने अपने घर का एक-एक कोना लता जी के नाम कर दिया है।

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उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने 1988 में पहली बार लता जी की आवाज में गाना “राधा ना बोले” सुना था तभी से उनके फैन हो गए। उनकी दादी मां अक्सर यह गाना गुनगुनाया करती थी। उन्होंने गौरव को लता जी की कई तस्वीरें दी थी और कहा था की इनके बारे में पढ़ो और इनकी खोज करो।

गौरव शर्मा कि लता जी के प्रति दीवानगी का अंदाज आप इस कदर लगा सकते हैं कि उन्होंने अपने पूरे घर को लता जी के संग्रहालय के रूप में बदल दिया है। पूरे घर की दीवारें लता जी के सैकड़ों छोटी बड़ी तस्वीरों से भरी पड़ी है। यहां तक उन्होंने लता जी के ट्वीट्स भी लैमिनेट कराकर संभाल के रखा हुआ है।

घर की पूरी दीवारें लता जी के तस्वीरों और खबरों और अखबार की कतरनों से भरा पड़ा है।इसके अलावा उन्होंने सन 1929 के सिक्के लता जी की यादों के तौर पर संजो कर रखे हुए हैं। लता जी का जन्म 1929 में हुआ था। गौरव शर्मा 36 के साल है लेकिन वह अभी भी कुंवारे हैं।

गौरव आगे बताते हैं कि उनका शादी करने का कोई इरादा नहीं है और वह लता दीदी की तरह सारी उम्र कुंवारे रहेंगे। गौरव लता जी से कई बार मिल भी चुके हैं लेकिन उनके साथ कोई तस्वीर नहीं खिंचा पाए। इनका उन्हें मलाल है।

लता जी भी गौरव को अपने बेटे के समान मानती थी। गौरव शर्मा ने सरकार से मांग की है कि लता दीदी के निधन के बाद उनके घर को लता संग्रहालय घोषित कर दिया जाए।

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