राजस्थान की यह देवी रूठी तो दरबार में ही 217 भक्तों की हो गई मौ’त, देखते ही देखते हैं लाशों का लग गया ढेर

राजस्थान की यह देवी रूठी तो दरबार में ही 217 भक्तों की हो गई मौ’त

हाल ही में खाटू श्याम के दरबार में हुए हादसे के बाद खाटू श्याम जी मंदिर में माहौल गरम हैं लेकिन आपको बता दे खाटू श्याम का यह हादसा आज से 14 साल पहले जोधपुर में हुए चामुंडा देवी माता के मंदिर में में हुए हादसे के सामने कुछ नहीं है.

आपको जानकर ताज्जुब होगा कि राजस्थान के चामुंडा देवी जब रूठी थी तो उनके दरबार में ही 200 से भी अधिक भक्तों की जान चली गई. उस हादसे के बाद तकरीबन 10 साल तक इसकी जांच पड़ताल चलती रही. आपको बता दें कि इस हादसे के बारे में आज भी हर साल सितंबर के महीने में मृतकों के परिवार वाले चूल्हा तक नहीं जलाते.

सितंबर 2008 में हुआ था हादसा:

दरअसल यह पूरा मामला साल 2008 का है जहां 30 सितंबर 2008 में जोधपुर जिले के मेहरानगढ़ किले में स्थित चामुंडा माता के मंदिर में मेला का आयोजन किया गया था. नवरात्रि के पहले ही दिन का मेला लगा था. हजारों की संख्या में भक्तजन माता रानी की पहली झलक पाने के लिए मंदिर पहुंचे थे. मंदिर प्रशासन ने इंतजाम भी किए थे लेकिन इस दौरान सवेरे सवेरे भगदड़ मच गई.

देखते ही देखते लाशों का लग गया ढेर:

अफवाह फैलने के बाद हजारों की संख्या में भक्त मंदिर के संकरे रास्ते की ओर दौड़े जो बहुत छोटा था लेकिन इस दौरान भक्त एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे. देखते ही देखते वहां लाशों का ढेर लग गया. लाशों के बाहर पर चढ़कर लोग बाहर जाने के जतन में लगे रहे थे. जब भीड़ काबू की जा सके तो पता चला कि उसी दिन 195 लोगों की जान चली गई थी.

अगले दो दिनों तक और भी लोग मरे 1 अक्टूबर तक 217 जाने जा चुकी थी. प्रत्येक मृतक को सीएम की ओर से दो ₹200000 दिए गए थे 500 से भी ज्यादा घायलों के परिजनों को हजारों रुपए दिए गए थे. इस हादसे में मारे गए मृतकों के परिवार वाले आज भी 30 सितंबर को अपने परिजनों को याद करते हैं और अपने घर में चूल्हा तक नहीं जलाते.

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