जन्म के बाद इंजेक्शन लगाते ही हुआ रिएक्शन, जहर से काला पड़ गया नवजात शिशु का हाथ..

हर मां-बाप चाहते हैं कि उनकी एक संतान है जो उनके वंश को आगे ले जाए. एक ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में आया है जहां जन्म के बाद एक नवजात शिशु को इंजेक्शन लगाते ही बुखार आ गया.

जब कुछ दिनों बाद शिशु के परिजनों ने देखा तो उसका हाथ काला पड़ गया था इस बारे में यह कहा जा रहा है कि उस शिशु को एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाया गया था जिससे उसके हाथ में जहर फैल गया.

आपको बता दें कि विदिशा के जिला अस्पताल में इस बच्चे का जन्म हुआ था. जन्म के कुछ देर बाद जब इस बच्चे को इंजेक्शन लगा तब इसका हाथ काला पड़ गया हॉस्पिटल के स्टाफ ने तुरंत इस नवजात शिशु को एनआईसीयू में भर्ती किया.

शिशु के परिजन मनोज सेन ने यह बताया कि उनकी पत्नी मिथलेश एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था. जन्म के बाद जब बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया तो उसे बुखार आ गया तब बच्चे को एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया.

परिजनों के बार बार पूछने के बाद भी अस्पताल के स्टाफ ने इस बच्चे को उन्हें नहीं दिखाया. 5 – 7 दिन गुजर जाने के बाद जब परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ के ऊपर दबाव बनाया तब उन्होंने बताया कि बच्चा भोपाल के कमला नेहरू हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया है.

जब परिजन निजी तौर पर भोपाल पहुंचे और वहां जाकर पता चला कि नवजात शिशु आईसीयू में भर्ती है जब वह परिजनों ने बच्चे का हाथ देखा तो वह काला पड़ गया था.

डॉक्टर ने परिजनों को यह भी कहा कि नवजात शिशु के हाथ में गंभीर संक्रमण हुआ है और अब इस हाथ को ऑपरेशन करके काटा जाना है एकमात्र उपाय हैं. बताया जा रहा है कि बच्चे को एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाया गया था जिसके कारण जहर फैलने से बच्चे का हाथ काला पड़ गया.

इस बारे में अधिकृत तौर पर डॉक्टर इससे ज्यादा कुछ कहने को तैयार नहीं है डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही की वजह से एक नवजात शिशु को और उनके परिजनों को यह तकलीफ उठानी पड़ रही है जो सरासर गलत है.

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