“द कश्मीर फाइल्स” एक्टर दर्शन कुमार ने संघर्ष के दिनों को किया याद, कहा- कभी-कभी पानी से बिस्कुट खाकर सो जाता था

विवेक अग्निहोत्री के नेतृत्व में बनी फिल्म ”द कश्मीर फाइल्स” इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाल मचा रही है. लोगों को यह फिल्म बखूबी पसंद आ रही है यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है इस फिल्म में सन 1990 में हुए कश्मीरी पंडितों के नरसंहार के बारे में दिखाया गया है.

दर्शन कुमार

इस फिल्म को रिलीज हुए करीब 25 दिन हो गए हैं परंतु आज भी सिनेमाघरों में इसकी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है. आपको बता दें कि महज 25 दिन के अंदर ही इस फिल्म ने 300 करोड़ से अधिक का कारोबार कर लिया है.

दर्शन कुमार

अनुपम खेर से लेकर पल्लवी जोशी तक हर एक अभिनय ने दर्शकों का दिल जीता है. इस फिल्म का एक अहम किरदार कृष्णा पंडित का किरदार निभाने वाले अभिनेता दर्शन कुमार इन दिनों काफी सुर्खियों में बने हुए हैं.

दर्शन कुमार

आपको बता दे कि दर्शन कुमार दिल्ली के किशनगढ़ के निवासी हैं. उन्होंने 24 साल की उम्र में फिल्म उद्योग में अपना करियर बनाना चाहा और फिर दिल्ली से मुंबई आ गए. मुंबई आते हैं उन्होंने बहुत ही संघर्ष भरा जीवन बिताया है फिल्मों में काम करने से पहले उन्होंने 5 साल थिएटर में साइड एक्टर का काम किया है.

दर्शन कुमार

एक इंटरव्यू में दर्शन कुमार ने इस बात का खुलासा किया कि इस सफर में उन्होंने भरपेट खाना नहीं खाया.. पानी के साथ बिस्किट खाकर दिन बिताया. आज उनकी मेहनत सफल हुई और फिल्म द कश्मीर फाइल्स ने आज उनको एक अच्छा मुकाम तक पहुंचा दिया है.

24 साल की उम्र में अभिनेता बनने का सपना लिए दर्शन कुमार दिल्ली से मुंबई आए थे. वह अपने मजबूत हौसलों के साथ आगे बढ़ते चले गए. साल 2011 में ”मुझे कुछ कहना है” फिल्म से उन्होने एक छोटी शुरुआत की. फिर साल 2003 में सलमान खान की फिल्म तेरे नाम में उन्होंने एक छोटा सा किरदार निभाया.

दर्शन कुमार

दर्शन कुमार ने छोटे पर्दे का धारावाहिक छोटी बहू और बाबा ऐसा वर ढूंढो में भी भूमिका निभाई है. अब फिल्म द कश्मीर फाइल्स में पीड़ित कृष्ण पंडित का किरदार निभा कर उन्होंने सबके दिलों पर अपनी एक खास जगह बना लिया.

दर्शन कुमार

उन्होंने इस फिल्म में अभिनय कर लगभग 7 करोड रुपए कमाए हैं और उससे कहीं ज्यादा उन्होंने अपने किरदार से नाम कमाया. दर्शन कुमार कहते हैं कि विकट परिस्थितियों से लड कर आज वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं उन्होंने हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला किया है.