एक हाथ में रिक्शे का हैंडल, दूसरे हाथ में दोमुंहा बच्चा लेकर रिक्शा चलाते हैं राजेश मालदार

आपने और हमने मां की ममता के बारे में तमाम तरह की कहानियां सुनी हैं. वाकई अपने बच्चों के प्रति मां का प्यार और ममता अलग ही लेवल की होती है, लेकिन इन दिनों पिता का ममतामई अंदाज अपने बच्चों के लिए दिखाई दिया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. जिसमें एक व्यक्ति एक हाथ से रिक्शे का हैंडल खींच रहा है तो दूसरे हाथ में उसने बच्चे को कंधे से चिपकाया हुआ है. ऐसे में हर कोई जानना चाह रहा है कि आखिर यह शख्स अपने दो छोटे छोटे बच्चों को रिक्शा चलाते वक्त साथ क्यों रखता है तो चलिए आपको इस खबर के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं.

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह वीडियो मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर का बताया जा रहा है. दरअसल, एक हॉस्पिटल के सामने से एक शख्स अपने दो छोटे-छोटे बच्चों को लेकर रिक्शा चलाते हुए देखा गया. इस दौरान किसी ने इसका वीडियो शूट कर लिया. बाद में पता चला कि इस शख्स की पत्नी दो बच्चों को और इसे छोड़कर अपने प्रेमी के साथ भाग गई है. जिसके बाद बच्चों की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई है. उसने बताया कि उसके बच्चे छोटे-छोटे हैं. ऐसे में उनका पेट भी पालना है और उनको अकेला छोड़ना भी वह सही नहीं समझता. इसीलिए रिक्शा चलाता है तो यह दोनों बच्चे उसके साथ होते हैं.

इस शख्स ने बातचीत में बताया उसके एक बच्चे की उम्र 1 साल की है. जबकि दूसरी बच्चे की उम्र 3 साल है. दोनों ही बच्चे उम्र में काफी छोटे हैं. जिसके बाद पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर ही है. इस ने बताया कि उसकी पत्नी उसे धोखा देकर अपने आशिक के साथ भाग गई और इन बच्चों की जिम्मेदारी अब उसके कंधों पर ही रह गई है. इसने बताया जब भी वह रिक्शा लेकर निकलता है और उसके साथ बच्चे मौजूद होते हैं तो इसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है और जगह-जगह पर मुझसे इसकी वजह पूछी जाती है. जब बार-बार इसकी वजह पूछी जाती है तो मैं काफी दुखी हो जाता हूं.

जिस रिक्शा वाले के बारे में हम आपसे बात कर रहे हैं. उनका नाम राजेश मालदार है. इनकी आज से 10 साल पहले शादी हुई थी. शादी के बाद यह दो बच्चों के माता-पिता बने लेकिन इन दोनों पति-पत्नी में कुछ बात हो गई. जिसके बाद पत्नी खुद के पति और बच्चों को छोड़कर अपने आशिक के साथ रफूचक्कर हो गई, इसके बाद राजेश ने प्रशासन से भी मदद मांगी लेकिन प्रशासन ने इनकी कोई मदद नहीं की. जिसके बाद बच्चों की जिम्मेदारी इनके ही कंधो पर आ गई. ये कहते हैं अगर वह काम नहीं करेंगे तो बच्चों का पेट कैसे पालेंगे. वह मेहनत करते हैं और अपने बच्चों को पाल रहे हैं.

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