ईट-भट्टा मजदूर रातों-रात बना अरबपति… खाते में आए 31 अरब रुपए, लेकिन फिर भी नहीं बदली किस्मत!!

कभी-कभी किस्मत इंसान के साथ कुछ ऐसा मजाक करती है जहां चंद मिनटों में अमीर गरीब और गरीब अमीर बन जाता है. कुछ ऐसा ही किस्मत का मजाक उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के एक मजदूर के साथ हुआ जहां यह मजदूर रातो रात अमीर हो गया. अमीर भी कोई ऐसा वैसा नहीं है बल्कि अरबपति.. जी हां, आपको बता दे की इस गरीब शख्स के खाते में अचानक 31 अरब रुपए आ गए. यह जानकर मजदूर को विश्वास कर पाना मुश्किल हो रहा था.

गरीब मजदूर इतना खुश हुआ कि उसने पूरे गांव में शोर मचा दिया. पत्नी भी गहने और गाड़ी बंगला खरीदने का सपना देखने लगी. खुशी इतनी थी कि मजदूर और उसके परिजन रात भर सो भी नहीं सके. मजदूर सोमवार की सुबह बैंक ऑफ इंडिया अकाउंट चेक कराने पहुंचा तो उसकी खुशियां मायूसी में बदल गई फिर जो हुआ उसे किस्मत का खेल का है या कुछ और आइए जानते हैं पूरा मामला..

कन्नौज जिले में कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कमालपुर के बिहारी लाल राजस्थान में ईंट पथाई का कामकाज करते हैं. 1 दिन में तकरीबन ₹700 और महीने में लगभग 20 हजार रुपए के आसपास कमा लेते हैं. बारिश में ईंट पथाई का काम बंद हो जाने के कारण बिहारीलाल अपने गांव आए थे. रविवार को उन्होंने गांव में स्थित जन सेवा केंद्र से अपने जनधन खाते से ₹100 निकाले इसके बाद उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया.

जहां उनके खाते में 27,07,85,13,894 रुपए जमा दिखा रहे थे जबकि सोमवार को उन्होंने फिर से खाता चेक कराया तो इसमें 31,07,49,45,625 रुपए जमा होने की जानकारी दी गई. 31 जुलाई तक की स्टेटमेंट में कुल 27 खरब 78 करोड 58 लाख 13 हजार 894 रुपए की राशि दिख रही थी. बिहारीलाल का कहना है कि रविवार को उन्हें कुछ पैसों की जरूरत थी बैंक बंद था इसलिए गांव में ही बैंक मित्र के पास रुपए निकालने पहुंचा जहां बैंक मित्र ने मेरा खाता चेक किया तो उस की बोलती बंद हो गई.

रातो रात और अरबपति बना मजदूर दूसरे दिन खाते से ₹100 निकालने के लिए बैंक में गया फिर बैंक वालों ने अकाउंट चेक किया तो उनके खाते में रुपए नहीं थे. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बताया गया है कि जब बैंक ने मजदूर का खाता चेक किया तो उसमें सिर्फ 126 रुपए निकले.

बैंक द्वारा बताया गया है कि यह पूरा मामला तकनीकी समस्याओं के कारण हुआ है. तकनीकी समस्या के कारण इस तरह का ट्रांजैक्शन का एरर आता हैं. गरीब मजदूर बिहारी लाल उदास चेहरा लेकर बैंक से वापस घर आ गए. उन्होंने इस पैसे को लेकर तरह-तरह के सपने सजाए थे जो एक पल में चकनाचूर हो गए.