अपनी सहायता करने वाले की ही सौतन बन गई स्मृति ईरानी, जानिए कैसे तोड़ा सहेली का बसा-बसाया घर

आप सब स्मृति ईरानी को तो जानते ही होंगे. इन्होंने सास भी कभी बहू थी में तुलसी का किरदार निभा कर घर घर की चहेती बन गई थी. महज 20 वर्ष की उम्र में एक्टिंग का ख्वाब लेकर मुंबई आई स्मृति ने अपने करियर में बहुत कामयाबी पाई. टेलीविजन पारिवारिक जिम्मेदारी और फिर राजनीति में अपनी क्षमता साबित करने वाली स्मृति के बारे में यह बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि उन्होंने अपनी सहायता करने वाली सहेली का ही घर तोड़ कर अपना घर बसाया है.

स्मृति ईरानी

जी हां स्मृति ईरानी 2000 के दशक के मशहूर धारावाहिक सास भी कभी बहू थी के लिए जानी जाती थी. एकता कपूर के इस शौ को स्मृति के टैलेंट ने इस मुकाम तक पहुंचा दिया कि यह शो टीवी पर लगातार 8 साल तक चला. इसके कुछ सालों बाद स्मृति ईरानी ने राजनीति में अपना कदम आगे बढ़ाया. वह अमेठी से भाजपा सांसद हैं और केंद्र सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं. इससे पहले भी वह भारत सरकार में मंत्री के पद पर रह चुकी हैं.

स्मृति ईरानी

स्मृति ईरानी अपने घर परिवार को छोड़कर मुंबई आई थी. मुंबई में शुरुआती दिनों में स्मृति अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए एक रेस्टोरेंट में टेबल साफ करने का काम किया करती थी. इसी दौरान उनकी मुलाकात मोना ईरानी से हुई जो उस समय एक मॉडल और मशहूर कोऑर्डिनेटर थी और मॉडलिंग इवेंट ऑर्गेनाइज किया करती थी. इतना ही नहीं वह एक प्रचलित व्यापारी परिवार की बहू भी थी.

कुछ मुलाकातों में ही स्मृति और मोना की दोस्ती हो गई. दोस्ती इतनी गहरी हो गई कि जब कभी स्मृति को पैसे की जरूरत होती तो मोना उनकी सहायता कर दिया करती थी. इतना ही नहीं मोना स्मृति को अपने घर अपने साथ रहने के लिए भी ले रही थी. धीरे-धीरे स्मृति का एक्टिंग करियर भी रफ्तार पकड़ने लगा और उन्हें एकता कपूर के शो में काम करने का मौका मिल गया.

स्मृति ईरानी

लेकिन मोना के लिए स्मृति की दोस्ती भारी पड़ गई क्योंकि स्मृति और मोना के पति जुबिन की नजदीकियां बढ़ने लगी और दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया. जिसके चलते जुबिन मोना के साथ अपने 10 साल की शादी को तोड़कर 2011 में पुनः स्मृति ईरानी से शादी कर ली. तलाक के बाद जुबिन ने मोना को अपने घर से निकाल दिया. अपने घर में स्मृति को पनाह देने वाली मोना को स्मृति की वजह से अपना घर छोड़कर निकल जाना पड़ा. मोना और जुबिन की एक बेटी भी है जिसका नाम स्नेहिल है.

स्मृति ईरानी

आज जहां स्मृति अपने पति जुबीन और दोनों बच्चों के साथ खुश हैं तो वहीं दूसरी तरफ मोना अकेले अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं. आज स्मृति ईरानी के पास परिवार, नाम, शौहरत, कामयाबी सब कुछ है जिसे दिलाने में मोना का बहुत बड़ा योगदान है. लेकिन दुखद बात तो यह है कि यह सब पाने के लिए स्मृति को अपने ही दोस्त का घर तोड़ना पड़ा.