बहन को न खले शहीद भाई की कमी, शहीद कमांडो की बहन की शादी में पहुंचे 100 कमांडोज

हर लड़की का सपना होता है कि उसकी शादी में उसका भाई और उसके पिता उसे गले लगा कर ससुराल के लिए विदा करें और हर भाई का यह ख्वाब होता है कि वह अपनी बहन को खुशी-खुशी डोली में बैठाए. लेकिन कुछ लड़कियों की किस्मत में ऐसा नहीं होता एक ऐसा ही मामला सामने आया है. जहां अपने साथी कमांडो के शहीद हो जाने पर उस टीम के सभी सदस्यों ने मिलकर शहीद कमांडो की बहन की शादी में जा कर चार चांद लगा दिए.

आज हम जिस लड़की की बात कर रहे हैं उस लड़की का नाम शशि कला निराला है. ज्योति प्रकाश शशि कला के बड़े भाई हैं. ज्योति प्रकाश एयर इंडियन फोर्स गरुण कमांडोज के सदस्य थे. 18 नवंबर 2017 को आतंकियों के एक समूह ने जम्मू कश्मीर के चंदननगर पर अचानक हमला कर दिया. जहां सुरक्षा संभालने के लिए गरुड़ कमांडो को वहां भेजा गया उस टीम में ज्योति प्रकाश भी शामिल थे. आतंकवादियों से डटकर सामना करते-करते अचानक एक गोली ज्योति प्रकाश के सीने पर लगी और वह वीरगति को प्राप्त हो गये.

ज्योति प्रकार के शहीद होने के 6 महीने बाद ही उनकी बहन शशि कला निराला का शादी तय हुआ था. बहन को शहीद भाई की कमी ना महसूस हो इसलिए ज्योति प्रकाश के टीम के 100 गरुड़ कमांडो शशि कला की शादी में भाई बनकर पहुंचे. इन 100 कमांडोज ने शशि कला की शादी में बहुत धूम मचाई और दहेज के साथ-साथ 5 लाख रुपए भी दिए.

शादी की सारी रस्म पूरी होने के बाद जब विदाई की बारी आई तब सभी गरुड़ कमांडो दरवाजे से लेकर कार तक अपने अपने हाथ रास्ते में बिछा दिए. गरुड़ कमांडोज के हाथों पर शशि कला चलती हुई कार में बैठकर विदा हुई. शहीद ज्योति प्रकाश के पिता श्री तेज नारायण सिंह ने सारे कमांडोज का आभार प्रकट किया और कहा कि आप लोगों ने शशि कला को भाई की कमी महसूस नहीं होने दिया. यह कहते हुए श्री तेज नारायण सिंह की आंखे नम हो गई थी बता दें कि शहीद ज्योती प्रकाश को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था.