मां का मंगलसूत्र बेचकर पिताजी के ऑटो का चालान भरने आया हुआ, फिर RTO ने जो किया वह मिसाल बन गया

हमने अपने आसपास बहुत से ऐसे कठोर लोगों को देखा है जो अपना ₹1 नहीं छोड़ते. वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो दूसरे लोगों की जीने का सहारा बन जाते हैं एक ऐसे ही घटना से हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं जहां एक आरटीओ ऑफिसर फरिश्ता बनकर आया.

दोस्तों असल में यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के महाराजगंज की है जहां एक ऑटो ड्राइवर के ऊपर ₹24500 का जुर्माना लगा था जिसको चुकाने के लिए ऑटो ड्राइवर का बेटा अपनी मां बहन के सारे गहने बेचकर जमा करने आरटीओ ऑफिस पहुंचा तो वहां मौजूदा अफसर ने खुद ही सारे जुर्माने की राशि जमा कर दें और ऑटो ड्राइवर के बेटे को बढ़ाने की पेशकश की.

आपको बता दें कि यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के महाराजगंज की है जहां एक युवक अपने पिता के साथ आरटीओ ऑफिस जुर्माना राशि जमा करने के लिए पहुंचा. युवक जब आरटीओ ऑफिस से पैसा कम होने के कारण अपनी मां का मंगलसूत्र जब जमा करने लगा तब वही आरसी भारती पहुंच गए.

जब आरसी भारती ने युवक से पूछा कि वह अपनी मां का मंगलसूत्र क्यों पुलिस स्टेशन में जमा कर रहा है तब युवक ने बताया कि वह काफी गरीब है उसके पिता ऑटो चला कर घर का खर्चा चलाते हैं. युवक विजय ने बताया कि जब मां को पता चला कि उसके पिता राजकुमार के ऊपर ₹24500 का जुर्माना लगा है तो मां ने तत्काल अपना मंगलसूत्र बेचकर ₹13000 भेजे हैं और कहा है कि बाकी का पैसा का इंतजाम हो जाने पर दे देंगे.

जब यह बात आरसी भारती ने सुनी तो उन्होंने तत्काल उसके लाए हुए पैसों को वापस किया और जुर्माना राशि अपनी सैलरी से जमा कर दी इतना ही नहीं दोस्तों आरसी भारती ने युवक को अपनी आगे की शिक्षा जारी रखने और उसकी पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने की बात कही.

जब इसकी जानकारी आरटीओ ऑफिस में हुई तो वहां सभी लोग आरसी भारती की तारीफ करने लगे और आरसी भारती को एक फरिश्ता का नाम दिया. जब मीडिया ने आरसी भारती से इस बारे में बात की तब उन्होंने कहा कि मैंने तब बस उस युवक की पीड़ा सुनी और उसकी मदद की। इसके बाद आरसी भारती अपने काम पर चले गए. सच में देखा जाए तो आरसी भारती ने जो काम किया वह दिल से काबिले तारीफ है. आरसी भारती ने ऐसा कर एक नई मिसाल कायम की है.

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