126 साल की उम्र में पूरी तरह से स्वस्थ हैं “पद्मश्री” शिवानंद बाबा, 3 बजे उठकर करते हैं योग, खाते हैं उबला खाना

आज के मॉडर्न जमाने में मनुष्य की आयु दिन प्रतिदिन घटती नजर आ रही है लेकिन आज हम पद्मश्री से सम्मानित शिवानंद बाबा के बारे में बताएंगे जिनकी उम्र लगभग 126 वर्ष है. और वह इस उम्र में भी पूरी तरह से स्वस्थ है. शिवानंद बाबा दुनिया के सबसे बुजुर्ग व्यक्तियों में से एक हैं. गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर काशी में रहने वाले शिवानंद बाबा को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

“पद्मश्री” शिवानंद बाबा

बता दे शिवानंद बाबा काशी में रहते हैं उनके आधार कार्ड व पासपोर्ट पर उनकी जन्मतिथि 8 अगस्त 1896 दर्ज है. इस हिसाब से देखा जाए तो यह दुनिया के सबसे बुजुर्ग शख्स कहे जा सकते हैं परंतु गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में यह रिकॉर्ड जापान की चितेसु वतनबे के नाम दर्ज है.

“पद्मश्री” शिवानंद बाबा

जब शिवानंद बाबा को पद्मश्री सम्मान मिलने की खबर प्राप्त हुई उसके बाद से वह बेहद प्रसन्न थे. उन्होंने इसके लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है. शिवानंद बाबा कहते हैं कि उन्हें काशी से बेहद लगाव है उनका यह कहना है कि उनकी तपोभूमि है क्योंकि यहां महादेव शंकर विराजमान है. इतना ही नहीं बाबा शिवानंद काशी विश्वनाथ में साल 1979 से रहते हैं.

“पद्मश्री” शिवानंद बाबा

जैसा कि हम सब जानते हैं आज के मॉडर्न जीवन में इंसान की औसतन आयु 60 से 70 वर्ष की होती है परंतु शिवानंद बाबा ने उम्र को महज एक नंबर साबित करके दिखाया है. आज के समय में शिवानंद बाबा 126 वर्ष के हैं और वह इस उम्र के पड़ाव में भी काफी स्वस्थ है.

“पद्मश्री” शिवानंद बाबा

आपको बता दें कि शिवानंद बाबा बंगाल से काशी पहुंचे और गुरु ओंकार आनंद से शिक्षा प्राप्त की. 1925 में अपने गुरु के आदेश पर शिवानंद बाबा महज 29 साल की उम्र में दुनिया के भ्रमण पर निकल पड़े. 34 वर्ष तक देश-विदेश को उन्होंने नाप डाला और जिंदगी के रहस्य बताएं. इसके बाद योग और स्वस्थ दिनचर्या के लिए लोगों को प्रेरित करने लगे हैं.

“पद्मश्री” शिवानंद बाबा

 

बाबा शिवानंद के बारे में ऐसा भी कहा जाता है कि वह रोजाना प्रातः काल 3 बजे उठ जाते हैं. इसके पश्चात एक घंटा योगा करते हैं इतना ही नहीं भगवत गीता और मां चंडी के श्लोकों का पाठ करते हैं. खाने की बात करें तो शिवानंद बाबा उबला हुआ भोजन करते हैं. वह कम नमक वाला खाना खाना पसंद करते हैं इस उम्र के पड़ाव में भी बाबा शिवानंद पूरी तरह से फिट है.

“पद्मश्री” शिवानंद बाबा

बाबा शिवानंद ने एक इंटरव्यू के जरिए इस बात की पुष्टि की थी कि उनका जन्म बंगाल के श्रीहती जिले में 8 अगस्त 1896 में हुआ था. भूख के कारण उनके माता-पिता चल बसे थे तब से लेकर बाबा ने केवल आधा पेट भोजन करने का संकल्प लिया है जिसे वह अभी तक निभा रहे हैं.      (IMAGE SOURCE: GOOGLE)