UPSC परीक्षा से 5 दिन पहले हुई मां की मौ’त, बहती आंसू के साथ परीक्षा देकर IPS बनी “अपर्णा गुप्ता”

यह बात बिल्कुल सत्य है कि प्रत्येक मनुष्य की जिंदगी एक दूसरे से अलग होती है. किसी को अपने जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है. प्रत्येक इंसान अपने जीवन में सारी सुख सुविधाएं प्राप्त करना चाहता है इसलिए वह कठिन परिश्रम कर अपनी मंजिल को हासिल कर लेता है.

अपर्णा गुप्ता IPS

लेकिन ऐसा भी कहा जाता है कि सफलता उसी की कदम चूमती है जो अपनी जिंदगी में कठिन परिस्थितियों से लड़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है. आज हम आपको एक ऐसी लड़की की जिंदगी के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके जीवन में हर कदम पर कठिनाइयां खड़ी रही परंतु वह घबराई नहीं. यह लड़की अपने जीवन की हर कठिनाइयों से लड़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया.

अपर्णा गुप्ता IPS

जी हां हम बात कर रहे हैं IAS अपर्णा गुप्ता के बारे में जिन्होंने UPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर अपना सपना साकार किया. अपर्णा गुप्ता 2015 बैच के एक IAS अधिकारी हैं. यह आगरा, मुरादाबाद, कानपुर जैसे जगहों पर तैनात रह चुकी हैं इन्होंने आगरा के एक कारखाने में जिस्मफरोशी के लिए बंधक बनाकर रखी गई लड़कियों को मुक्त करवाकर मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी थी.

अपर्णा गुप्ता IPS

अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली है. अपर्णा का पूरा परिवार परीक्षित गढ़ रोड स्थित कोरल स्प्रिंग कॉलोनी में रहता है. अपर्णा ने अपनी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय हल्दिया से पूरी की है. इतना ही नहीं अपर्णा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है जिसके बाद उन्हें एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब मिल गई थी.

अपर्णा गुप्ता IPS

अपर्णा ने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था कि उन्होंने अपनी मां से प्रेरणा लेकर UPSC की तैयारी आरंभ कर दी अपर्णा के परिवार में पिता और दो बहने हैं. अपर्णा की मां की मृत्यु साल 2012 में ही हो गई थी..

अपर्णा गुप्ता IPS

अपर्णा बताती हैं कि उनकी मां उनकी रोल मॉडल है. मां की पॉजिटिव सोच और हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा से ही आज वह इस मुकाम पर है. अपर्णा ने बताया कि उनकी मां का मन से खास लगाव था क्योंकि वह दो बेटियों के बाद हुई थी. इस वजह से उनकी मां को काफी ताने सुनने पड़े थे.

अपर्णा गुप्ता IPS

अपर्णा ने जब पहली बार सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी तो उनकी मां ने 5 दिन पहले ही 15 मई 2012 को बीमारी के कारण अस्पताल में अपना दम तोड़ दिया था. आपको जानकर हैरानी होगी कि अपर्णा ने रोते-रोते परीक्षा दी थी. इसमें तो वह पास हो गई थी लेकिन मेन एग्जाम में बहुत दो नंबर से रह गई थी.. तब उन्होंने मां का सपना सच करने का ठान लिया और साल 2015 में उन्होंने UPSC की परीक्षा उत्तीण की.