13 माह की बच्ची के लिए फरिश्ता बनी गौ माता, ऐसे बचाई नवजात की जिंदगी, चमत्कार से लोग हुए हैरान

हमारे हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है और भारत में देवी की तरह लोग इन्हें पूजते हैं ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि गौमाता के शरीर में 33 कोटि देवी देवताओं का वास होता है. गौ माता की पूजा करने से ही संपूर्ण देवी देवताओं की पूजा हो जाती है. लोग गाय माता की पूजा और सेवा करते हैं लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इसी बीच गौ माता ने 13 हफ्ते की बच्ची की जिंदगी फरिश्ता बनकर बचाई है.

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जी हां यह पूरा मामला सिडकप से आया है जहां पैदा हुई एक बच्चे के दिल में प्रॉब्लम थी. दरअसल यह बच्ची. दिल की बीमारी से जूझ रही थी. ऐसे में डॉक्टर ने बच्ची का ऑपरेशन कर उसके दिल में गाय के शरीर का टिशू लगा दिया इससे बच्चे का ऑपरेशन सफल रहा और अब वह बिल्कुल स्वस्थ है.

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आपको बता दें कि दुनिया में लाखों ऐसे बच्चे हैं जो मिक्सिंग मिट्रल वाल्व नामक बीमारी के साथ जन्म लेते हैं. इस बीमारी में बच्चों के दिल का एक वॉल खराब होता है जिससे पीड़ित बच्चे के शरीर में खून और ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है. अगर इस बीमारी का समय रहते इलाज नहीं कराया गया तो इससे जान जाने की संभावना अधिक होती है.

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13 हफ्ते की यह बच्ची भी ऐसी बीमारी से ग्रसित थी. जब माता-पिता को इस बीमारी के बारे में पता चला तो उन्होंने बच्चे के थोड़ा बड़े होने का इंतजार किया ताकि बच्ची का शरीर सर्जरी को झेल सकें.लेकिन अचानक ही बच्चे की हालत बिगड़ गई तो डॉक्टर ने तुरंत बच्ची का ऑपरेशन करने का निर्णय लिया. परंतु डॉक्टर के सामने या एक समस्या खड़ी हो गई कि एक व्यस्क मरीजों में आमतौर पर इस समस्या के होने पर ओपन हार्ट सर्जरी करके वाल्व डाला जाता हैं.

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वही डॉक्टर के द्वारा यह फैसला लिया गया कि बच्ची के दिल में गाय के दिल का टिशू लगाया जाए जो दिखने में बिल्कुल मेटल वॉल जैसा होता है. आपको बता दें कि एक बच्चे का दिल अखरोट जितना होता है. ऐसे में बच्चे की सर्जरी के लिए डॉक्टरों के सामने एक बड़ी चुनौती थी लेकिन आखिरकार 6 घंटे के सफल सर्जरी के बाद ऑपरेशन सफल रहा. अब इस बच्ची को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है अब बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है.

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बताते चलें कि यह तो बात हो गई लंदन की लेकिन भारत में भी हर साल लगभग दो लाख से ज्यादा बच्चे दिल की बीमारी के साथ पैदा होते हैं जिनमें से लगभग 25 से 30 हजार बच्चों की हार्ट सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है.