चमत्कार! 12 सेंटीमीटर लंबी पूंछ के साथ जन्मा बच्चा, लोग बता रहे हनुमान जी का अवतार

दुनिया भर से आए दिन कोई ना कोई ऐसी जानकारी निकल कर सामने आती है जिसे जानने के बाद हर कोई आश्चर्यचकित रह जाता है. जैसा कि हम सब जानते हैं दुनिया में हर दिन कुछ ना कुछ अजीबोगरीब घटनाएं घटती रहती हैं और इन्हीं में से कुछ मामले ऐसे होते हैं जिसे जानने के बाद हमें विश्वास कर पाना मुश्किल होता है. इसी बीच एक मामला ब्राजील से सामने आया है जहां पर एक बच्चे का जन्म हुआ है.

मिली जानकारी के मुताबिक यह बच्चा अपने आप में अलग है. जी हां क्योंकि इस बच्चे का जन्म 12 सेंटीमीटर लंबी पूंछ के साथ हुआ है. इतना ही नहीं इस पूछ के साथ 4 सेंटीमीटर मांस का टुकड़ा भी जुड़ा हुआ है.

सोशल मीडिया पर इस बच्चे की तस्वीर काफी तेजी से वायरल हो रही है और हर कोई इस बच्चे के बारे में जानकर आश्चर्यचकित हो रहा है. बहुत से लोग इस बच्चे को हनुमान जी का अवतार बता रहे हैं. इस बच्चे के जन्म ने लोगों को आश्चर्य में डाल दिया है क्योंकि यह बच्चा किसी हम बच्चे के जैसा ही है परंतु सिर्फ उसकी 12 सेंटीमीटर लंबी पूंछ है.

वैसे देखा जाए तो मेडिकल साइंस की दुनिया भी कमाल की है. यहां पर कभी-कभी ऐसे के सामने आ जाते हैं जो दुनिया भर के लोगों को हैरत में डाल देते हैं.. इन्हें देखने के बाद हर कोई भगवान का चमत्कार बताता तो कोई श्राप बताता नजर आता है.

डॉक्टरों का ऐसा मानना है कि ऐसे मामले अभी तक सिर्फ 40 बार देखने को मिले हैं. बच्चे की कमर के नीचे 12 सेंटीमीटर लंबी पूछ लगी हुई थी जिसमें आखिर में मांस का एक टुकड़ा भी जुड़ा हुआ था. इस बच्चे का जन्म ब्राजील के ऑल वर्ल्ड साबिर चिल्ड्रन अस्पताल में हुआ. इस पूरे मामले को जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक सर्जरी केस में पब्लिश किया गया है. इस घटना से जुड़ी हुई तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है बता दे कि सर्जरी के माध्यम से बच्ची की पूंछ को हटा दी गई है.

यह मामला ब्राजील से सामने आया है इसे लेकर मेडिकल साइंस में हैरानी नहीं जताई है. दरअसल डॉक्टरों का कहना है कि गर्भ में हर बच्चा एक पूछे से जुड़ा होता है लेकिन कुछ वक्त बाद या शरीर से मिलकर गायब हो जाता है. परंतु इस मामले में पूछ गायब नहीं हो पाई इसकी जगह ये और बढ़ती गई इस कारण बच्चा पूछ के साथ पैदा हुआ. ब्राजील के डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस बीच में कोई हड्डी नहीं थी. आज तक इतिहास में ऐसे कुल 40 मामले सामने आए हैं. जनरल में छपी रिपोर्ट के अनुसार ऐसा पहला मामला 19वीं सदी में सामने आया था.