करोड़पति ज्वैलर ने गरीबों और गौशाला को दान की 11 करोड़ रुपयों की संपत्ति, सांसारिक मोह माया त्याग लेगेे दीक्षा

आज हम सोशल मीडिया के माध्यम से देश दुनिया की खबरें देखते व पढ़ते हैं. आज के समय में हर इंसान पैसा और प्रॉपर्टी की तरफ ही भागता हैं. प्रत्येक व्यक्ति अधिक से अधिक धन दौलत कमाने के लिए दिन रात मेहनत करता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके पास अपार धन दौलत होने के बाद संतुष्टि नहीं मिलती. ऐसे में वह अपना सब कुछ त्याग कर आध्यात्म की राह पर चल पड़ते हैं.

एक ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश से सामने आया है जहां 37 वर्षीय राकेश सुराना ने 11 करोड़ की संपत्ति दान कर अध्यात्म की तरफ चल पड़े. 12 मई को अपनी 36 वर्षीय पत्नी लीना सुराना और बेटे अमय सुराना सगं जयपुर में दीक्षा लेंगे. वह अपनी सांसारिक जीवन को पूरी तरह त्याग कर एक सन्यासी की तरह जीवन व्यतीत करेंगे. वह ऐसा गुरु महेंद्र सागर से प्रेरित होकर कर रहे हैं.

राकेश सुराना और उनका परिवार अपनी मेहनत की 11 करोड़ की कमाई को गौशाला व अन्य धार्मिक संस्थाओं को दान कर रहा है. राकेश ने मीडिया को यह भी बताया कि उनकी पत्नी लीना ने बचपन में ही यह तय कर लिया था कि वह बड़ी होकर अध्यात्म के पथ पर चलेंगी. लीना ने अपने शुरुआती पढ़ाई अमेरिका से की है.

राकेश और लीना का बेटा अपने मां-बाप से प्रेरित होकर 4 साल की उम्र में अध्यात्म के पद पर चलने की इच्छा जाहिर कर चुका था. हालांकि कम उम्र के चलते उसे 7 वर्ष का इंतजार करना पड़ा. वैसे राकेश अपने परिवार में दीक्षा लेने वाले पहले सदस्य नहीं है. इससे पहले 2017 में उनकी मां भी दीक्षा ले चुकी हैं. वही राकेश की बहन ने साल 2008 में ही दीक्षा ले ली थी.

राकेश सुराना ने कठिन मेहनत कर करोड़ों की संपत्ति खड़ी की है. उन्होंने एक छोटी सी दुकान से ज्वेलरी का बिजनेस स्टार्ट किया था. फिर धीरे-धीरे सराफा इलाके में जाना पहचाना नाम बन गए लेकिन अब वह अपनी पूरी संपत्ति समाज, गरीब और गौशाला मे दान कर चुके हैं.

आपको बता दें कि इसके अलावा मध्यप्रदेश के ही रतलाम शहर के 11 साल के ईसान कोठारी और दो जुड़वा बहने तनिष्का और पलक भी 26 मई को दीक्षा लेने वाले हैं. वहीं तनिष्का की बड़ी बहन वाली 5 साल पहले की दीक्षा ले चुकी है अब यह तीनों बच्चे सांसारिक जीवन को त्याग वैराग्य की राह पर निकल पड़े हैं.