कुशीनगर हादसा: खुद की जान देकर 5 लोगों को दिया जीवनदान, 21 वर्षीय पूजा का पुलिस में जाने का था सपना

बीते 17 फरवरी को कुशीनगर जिले की निबुआ नौरंगिया गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया। शादी के बाद दूल्हे का कक्कन खोलने की रस्म करने गई 9 बच्चियों और 4 महिलाओं की कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह सभी कक्कन की रस्म को देखने के लिए एक पुराने कुएं की जर्जर स्लैब पर चढ़ गई थी।

ज्यादा वजन पड़ने के बाद स्लैब भरभरा कर टूट गया और 9 बच्चियों समेत और 4 महिलाओं की मौत हो गई। लेकिन उनमें से एक लड़की ऐसी भी थी जिसने अपनी जिंदगी गंवा कर लोगों की जान बचा ली। उस बहादुर बिटिया का नाम पूजा था।

मां समेत पांच लोगों की बचाई जिंदगी-: यह हादसा रात को 9:30 बजे हुआ। चारों तरफ अंधेरा था और हादसे के बाद चीख पुकार मची थी।पूजा ने बहादुरी दिखाते हुए कुएं में छलांग लगाई और सबसे पहले उसने अपनी मां को बचाया।

अपनी मां को बचाने के बाद उसने एक एक करके पांच लोगों को कुएं से निकाला। लेकिन छठे को निकालते निकालते उसका अपना संतुलन बिगड़ गया और पूजा खुद कुएं में डूब गई।

पुलिस में जाने का था सपना-: इस बहादुर बिटिया का पुलिस में जाना सपना था। पूजा तहसीलदार शाही सिन्हा महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। इनके पिता बलवंत यादव आर्मी में है और दिल्ली में पोस्टेड हैं।

पूजा भी अपने पिता की तरह पुलिस ज्वाइन करना चाहती थी लेकिन इस घटना में पूजा ने अपनी जिंदगी गंवा दी। हम उस बहादुर बिटिया की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

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