सूरज बड़जात्या न होते तो ‘रामायण’ के ‘राम’ नहीं बन पाते अरुण गोविल, ऐसे पलटी कहानी

रामानंद सागर की रामायण सीरियल भारतीय टेलीविजन इतिहास की सबसे प्रसिद्ध सीरीयल रहीं हैं. जब रामायण टीवी पर आती थी तब रास्ते सुनसान पड़ जाते थे और घर-घर में सिर्फ रामायण देखी जाती थी. उस दौर में रविवार सुबह मतलब रामायण और रामायण देखने के लिए हर जगह भीड़ जमा होती थी.

रामायण सीरियल का हर एक पात्र काफी शानदार था और सभी किरदारों ने लोगों का दिल जीता हैं. अरुण गोविल ने रामायण में राम की भुमिका निभाई थी जो आज भी लोगों के दिलों पर राज बनी हुई हैं.

जब अरुण गोविल ने रामायण के लिए अॉडिशन दिया था तब उनको रामानंद सागर ने रिजेक्ट किया था. फिर अरुण गोविल निराश हुए, लेकिन सुरज बड़जात्या ने उनको समझाया और उनको बताया की तुम हल्की मुस्कान दो और फिर देखना.

उसके बाद अरुण गोविल वापस अॉडिशन देने गये और उनकी मुस्कान रामानंद सागर को काफी ज्यादा पसंद आयी और उन्होंने तुरंत अरुण गोविल को राम का किरदार निभाने के लिए चुन लिया.

अरुण गोविल ने राम की भुमिका ऐसी निभाई की हर कोई उनका दिवाना बन गया और सभी को उनकी भुमिका काफी ज्यादा पसंद आयी. अरुण गोविल का करियर इससे पूरी तरह से बदल गया. अरुण गोविल अब घर-घर में राम के नाम से ही जाने जाते हैं.

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