मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षक ने पेश की मिसाल, गरीब बच्चों के लिए दान कर दिए रिटायरमेंट के 40 लाख रूपए

ऐसा कहा जाता है कि दूसरों को शिक्षित करना इस जगत का सबसे महान कार्य है. एक शिक्षक ही होता है जो छात्रों की नियति और नीति दोनों बदल लेता है. शिक्षक सैकड़ों छात्रों को शिक्षित करके उन्हें जीवन के ऊंचाई पर पहुंचता है ऐसा ही कुछ देखने को मिला है पन्ना, मध्य प्रदेश में.. जहां पर एक शिक्षक ने मिसाल कायम कर दी है, इन्होंने अपने रिटायरमेंट वाले दिन PF मैं मिलने वाले 40 लाख रुपए को गरीब बच्चों को दान कर दिया.

रिटायर शिक्षक ने 40 लाख रुपए किए दान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस शिक्षक का नाम विजय कुमार चसोरिया है. यह जिले के संकुल केंद्र के प्राथमिक शाला खंदिया के सहायक शिक्षक थे. 39 साल से नौकरी करने के बाद विजय कुमार रिटायर हुए. रिटायरमेंट वाले दिन उनके सहकर्मियों ने उनके सम्मान में सोमवार यानी 31 जनवरी को एक कार्यक्रम रखा था जिसमें यह घोषणा की गई.

कि वह अपने PF से मिलने वाले 4000000 रुपए को गरीब बच्चों के लिए दान कर रहे हैं. बता दे कि उनका यह कहना था कि यह रुपए बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा में सहयोग करेंगे. इससे गरीब बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा. इन 40 लाख रुपए को संकुल केंद्र के अधिकारी गरीब बच्चों के विकास के लिए जैसे चाहे वैसे इस्तेमाल कर सकते हैं.

पढ़ाई पूरी करने के लिए दूध बेचा रिक्शा चलाया
आपको बता दें कि विजय कुमार की जिंदगी इतनी आसान नहीं थी. उन्होंने शिक्षक बनने के लिए काफी कठिन परिश्रम किया है. मीडिया रिपोर्ट के आधार पर विजय कुमार का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था. उन्होंने अपना जीवन यापन करने के लिए दूध बेचा, यहां तक की है रिक्शा तक चलाया है. इतनी कठिन परिश्रम के बाद अपनी पढ़ाई पूरी कर वह 1983 में रकसेहा से सहायक शिक्षक बने और 39 साल तक बच्चों को शिक्षा दी.

विजय कुमार हमेशा गरीब बच्चों के बीच रहे और बच्चों को उपहार देते रहे
आपको बता दें कि विजय कुमार का एक भरा पूरा परिवार है. यह कदम उठाने से पहले विजय कुमार ने इसकी रजामंदी अपनी पत्नी और बच्चों से ली. जिसे उनके परिवार ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया. पूरे परिवार ने गरीब बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए यह 40 लाख रुपए दान देने के लिए हामी भर दी.

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