गाजियाबाद: झुग्गी झोपड़ियों में लगी भीषण आग, गौशाला में रखे 38 गायों की जलकर मौ’त

अप्रैल-मई के महीनों में अक्सर हमें आग से जुड़ी घटनाएं देखने व सुनने को मिलती हैं. इन दिनों एक ऐसा ही घटना गाजियाबाद के कानावनी गांव में घटा है जिसे सुनने के बाद आपका दिल दहल उठेगा. गाजियाबाद की कानावनी गांव में सोमवार दोपहर करीब 1:00 बजे झोपड़ी में लगी आग से 60 झुग्गी झोपड़िया जलकर राख हो गई. [Image source: Google]

इतना ही नहीं यह आग की लपट इतनी तेज थी कि गौशाला में रह रहे 38 गाय बछड़े जिंदा जल गए. आग की लपटों के बीच 27 गए भाग खड़ी हुई जबकि झुलस जाने से 8 की हालत गंभीर है. 15 मिनट के भीतर 10 बीघे में फैली यह आग काबू कर पाने में बेहद मुश्किल थी. दमकल की 15 गाड़ियों को आग पर काबू करने में लगभग 3 घंटे से ऊपर लग गये. शासन ने डीएम ने इस घटना की रिपोर्ट तलब की है.

मौके पर पहुंचे डीएम आरके सिंह और प्रभारी एसएसपी मुनिराज जी ने जांच के अलग-अलग गवाही पेश की है. हालांकि अभी तक आग लगने की सही वजह सामने नहीं आ पाई है. आपको बता कानावनी में 5 बीघे में झुग्गी झोपड़िया है. इसके बराबर में 2 बीघे में दो कबाड़ का गोदाम भी है और 3 बीघे में श्री कृष्ण सेवा गौशाला हैं.

झुग्गी झोपड़िया से आग की लपटें पहले गोदाम और फिर गौशाला में जा पहुंची इसके बराबर यह आग गेहूं के खेत में लग गई और जलकर पूरी फसल राख हो गई. झुग्गी झोपड़ियों में सिर्फ महिलाएं और बच्चे थे आग लगते ही यह बच्चे बाहर निकले और चिखने चिल्लाने लगे. दमकल के आने से पहले इस आग ने एक विकराल रूप धारण कर लिया था.

गौशाला के संचालक सूरज पंडित ने बताया कि गौशाला में लगभग 100 गाय थे. झुग्गी झोपड़िया और कबाड़ का गोदाम अवैध रूप से बना है इन्हें हटाने के लिए कई बार पुलिस ने कहा लेकिन सुनवाई नहीं हुई. उधर आग लगने के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर सड़क जाम करने का प्रयास किया हुआ है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम में झुग्गियों में लगी आग को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए 24 घंटे के अंदर पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.