रह चुके हैं आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के अध्यापक, अब आदिवासियों संग बिताते हैं जिंदगी

किसी का लुक या फिर उसकी चाल ढाल देखकर हम लोग अक्सर अंदाजा लगा लेते हैं कि यह व्यक्ति कैसा है। लेकिन कई मामलों में गलत भी साबित हो जाता है सामने से गरीब भिखारी का देखने वाला फराटेदार अंग्रेजी बोल देता है। इसे सामने वाले सुनकर अचंभित हो जाते हैं.

आज के लेख में हम आपको बताएंगे ऐसे ही एक टीचर के बारे में जो कभी आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के अध्यापक हुआ करते थे। लेकिन आज हो मध्यप्रदेश में आदिवासियों के साथ आज वासियों के लिए ही काम कर रहे हैं।

छोटी सी झोपड़ी में रहते हैं आलोक सागर -: इस फटे हाल और बड़ी दाढ़ी में देखकर आप शायद इन्हें कुछ फकीर समझ रहे होंगे लेकिन दरअसल उनका नाम आलोक सागर है। यह मध्य प्रदेश के कोचमऊ के जंगलों में एक छोटी सी झोपड़ी में रहते हैं। यह आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के अध्यापक रह चुके हैं।

आईटीआई दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर हैं-: आलोक सागर आईटीआई दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर भी रह चुके हैं। उनकी पढ़ाये हुए छात्र आज देश-विदेश में लाखों रुपए की नौकरी कर रहे हैं। लेकिन खुद आलोक सागर पिछले 29 वर्षों से मध्य प्रदेश के जंगलों में आदिवासियों के बीच अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनके पास संपत्ति के नाम पर एक साइकिल और दो कुर्ता पजामा है कुछ बर्तन राशन और झोपड़ी है।

लड़ रहे आदिवासियों के हक की लड़ाई-: डॉक्टर आलोक सागर आदिवासियों के साथ जंगलों में इसलिए रह रहे हैं ताकि उन्हें साक्षर और स्वरोजगार के लायक बनाया जा सके। वह अक्सर उनके हितों के लिए आवाज उठाते रहते हैं और उनके हक की लड़ाई भी लड़ रहे हैं।

आलोक सागर सादा जीवन उच्च विचार की पद्धति को अपने जीवन में फॉलो करते हैं। उन्होंने अपनी झोपड़ी के आसपास लगभग 2 किलोमीटर की एरिया को उन्होंने एक घना जंगल बना दिया है जिसमें उन्होंने हजारों फलदार पेड़ लगाए हैं।

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