पिता के पास बचे थे सिर्फ 6 महीने, बेटे ने अपना लीवर दान कर पिता को दी नई जिंदगी

समाज में अक्सर यह कहा जाता है कि बेटी अपने पिता से सबसे ज्यादा प्यार करती है लेकिन हर सिक्के के 2 पहलू होते हैं. हर बेटा भी अपने पिता से उतना ही प्यार करता है जितना की बेटी करती है. एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां एक बेटे ने लिवर डोनेट कर पिता को नई जिंदगी दी.

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बचे थे सिर्फ 6 महीने

बता दे कि युवक ने बताया कि जब हम अपने पापा को लेकर डॉक्टर के पास गए और डॉक्टर ने उनका टेस्ट किया तो रिपोर्ट में आया कि पापा का लिवर लगभग खराब हो चुका है. जब हमने डॉक्टर से इसके बारे में राय ली तो डॉक्टर ने बताया कि बगैर डोनर और ट्रांसप्लांट के यह संभव नहीं है क्योंकि यह सिर्फ ज्यादा से ज्यादा 6 महीना तक जिंदा रह सकते हैं. फिर मेरे पापा ने मेरी तरफ देखा और उन्होंने कहा मैं मरना नहीं चाहता.. मैं तुम्हें ग्रेजुएट होता देखना चाहता हूं. हमारा पूरा परिवार सदमे में था क्योंकि पापा ने कभी शराब, सिगरेट को हाथ भी नहीं लगाया था फिर भी उनका लिवर खराब हो गया.

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ले लिया बड़ा फैसला

बेटे से पिता की हालत देखी नहीं गई और बेटे ने अपना लिवर डोनेट करने का फैसला किया. लड़के ने अपनी मां से कहा मैं किसी हाल में अपने पिता को बचाना चाहता हूं‌. खुशी की बात तो यह थी कि मेरा लीवर मैच कर गया और फिर डॉक्टर की सलाह लेकर मैंने 3 महीने तक अपने एक्सरसाइज और खान-पान पर विशेष ध्यान दिया. उसके बाद जब मेरा टेस्ट हुआ तब मैं सर्जरी के लिए बिल्कुल फिट पाया गया. बता दें कि युवक ने अपना 65% लीवर अपने पिता को डोनेट कर उन्हें एक नई जिंदगी दी.

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लगा दी अपनी पूरी सेविंग

युवक ने बताया कि पापा के ऑपरेशन में लगभग 20 रुपए लग गए. इस बीच हमने अपने घर की सारी शेविंग्स लगा दी. सर्जरी के वक्त भी डर था कि अगर मुझे कुछ हो गया तो क्या होगा??  लेकिन डॉक्टर ने मुझे आश्वासन दिया और मेरी हिम्मत बढ़ाई कि आपको कुछ नहीं होगा क्योंकि मैं अपने पिता के चेहरे पर वही पहली मुस्कान देखना चाहता था इसीलिए मैंने अपना लिवर अपने पापा को डोनेट किया. आज हम दोनों फिट हैं.. लाइफ के इस मुश्किल घड़ी ने मुझे इस बात का एहसास दिलाया कि अगर आपके पास परिवार है तो फिर आप दुनिया के सबसे अमीर इंसान हैं क्योंकि बुरे वक्त पर केवल और केवल परिवार ही काम आता है.

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