मशहूर कवि डॉ कुमार विश्वास ने बनाया अनोखा घर, दाल-गोबर और चूने का किया प्रयोग, दैखे अद्भुत तस्वीरें

प्रख्यात हिंदी भाषी कवि डॉक्टर कुमार विश्वास अपनी कविताओं को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं और अपने बयानों को लेकर लाइमलाइट में बने रहते हैं। उन्होंने हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खालिस्तान समर्थित एक संगठन से रिश्ते होने की बात बताई जिससे वह काफी लाइमलाइट में है।

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बता दें कि कुमार विश्वास पहले आम आदमी पार्टी के सदस्य थे लेकिन बाद में उन्होंने अनबन होने की वजह से पार्टी छोड़ दी थी। आज के लेख में हम बात करेंगे डॉ कुमार विश्वास द्वारा बनाए गए एक ऐसे अनोखे घर के बारे में जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

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पैतृक गांव में बनवाया घर-: डॉ कुमार विश्वास मूल रूप से गाजियाबाद के पिलखुवा गांव के रहने वाले हैं। जहां सब लोग गांव छोड़कर शहर की तरह पलायन कर रहे हैं वही कुमार विश्वास ने अपने पैतृक गांव पिलखुआ में विशेष प्रकार से तैयार किए गए घर में रह रहे हैं। तस्वीरों में नजर आ रही घर की दीवारों पर चूने से बेहद सुंदर कलाकृति उकेरी गई है।

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सिर्फ दाल चूने और गोबर का हुआ इस्तेमाल-: डॉ कुमार विश्वास ने आगे बताया कि इस घर को पूरी तरह से प्रकृति के अनुरूप तैयार किया गया है। हमने इस घर में अपने पूर्वजों की वास्तुकला को पुनः जीवित किया है। डॉ कुमार विश्वास ने इस पूरे घर को एकदम देसी लुक दिया है। चाहे वह बेडरूम हो या घर का कोई भी हिस्सा इस घर को उन्होंने केवी कुटीर नाम दिया है।

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खेती के शौकीन है कुमार विश्वास-: कुमार विश्वास तो अपने घर के आगे एक लंबा चौड़ा प्लॉट भी रखा है। जिसमें वह खेती करते हुए तस्वीरें पोस्ट करते रहते हैं। इसके अलावा उन्होंने घर में एक गाय भी पाल रखी है। उन्होंने घर में ही एक छोटा सा स्टूडियो और लाइब्रेरी भी बना रखे हैं जो अक्सर डॉ कुमार विश्वास अपना समय बिताते हैं।

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डॉ विश्वास ने आगे बताया यह घर पूरी तरह से बैक्टीरिया निरोधक और तापमान नियंत्रक है। इस घर की प्लास्टर में पीली मिट्टी, गोबर इस्तेमाल में ना आने वाली दालों का चूरा और लसलसे पेड़ो जैसे आमला गूलर शीशम और लसोड़े से मिलाकर तैयार किया गया है। इसे वैदिक प्लास्टर कहा जाता है जो पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से सुरक्षित है।