हादसे में अपने दोनों हाथ गवा देने के बाद भी बिहार की तनु ने नहीं मानी हार, इस तरह कर रही अपने सपने को साकार

इस दुनिया में ऐसे काफी लोग हैं जो दुनिया में प्रेरणा देने का काम करते हैं और उनसे लोग प्रेरणा लेते हैं जिनसे काफी कुछ सिखने को हमें मिलता हैं. आज हम आपको एक ऐसी लड़की के बारें में बताएंगे..

जिसने सभी के सामने एक ऐसी मिसाल कायम की हैं जिससे सभी लोग उस लड़की से प्रेरणा लेना चाहेंगे. आज हम बिहार के पटना की लड़की की बात करेंगे जिसका नाम तानु कुमारी हैं. तानु कुमारी ने साल 2014 में एक हादसे में दोनों हाथ गंवा दिए थे जिसके बाद वो पूरी तरह से टूट चुकी थी.

किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसी घटना होती है तो उस पर क्या बितेगी ये आप सोच ही सकते है. तानु कुमारी ने अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. तानु कुमारी ने मिसाल पेश करते हुए पैरों से लिखना शुरू किया और काफी अभ्यास किया और फिर उनको पैरों से लिखने में सफलता मिली.

तानु कुमारी ने पैरों से लिखकर पढ़ाई करने का निश्चय किया. तानु कुमारी को दसवीं कक्षा में भेज दिया गया हैं और वो अब पढ़ाई करने के लिए सबकुछ करेगी. तानु कुमारी ने कहां कि,” हाथ गंवाने के बाद मैंने पैरों से लिखना शुरू किया और मुझे चित्रकला काफी पसंद हैं. मैं एक टीचर बनना चाहती हूं.” तानु कुमारी की लगन को देखते हुए हम ये कह सकते हैं कि वो आगें चलकर हर सफलता हासिल करेगी.

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