बाल विवाह के बावजूद पति ने पेश की मिसाल, ऑटो चला कर पत्नी को बनाया डॉक्टर

18 वीं शताब्दी में भारत में बाल विवाह जैसी कुप्रथा अपने चरम सीमा पर थी। हालांकि राजा राममोहन राय के हस्तक्षेप के बाद यह प्रथा लगभग खत्म हो चुकी है। लेकिन आज भी राजस्थान के कुछ अति पिछड़े इलाकों में यह कुप्रथा आज भी जारी है। इस प्रथा के अनुसार बच्चों की शादी कम उम्र में ही कर दी जाती है जब उनके भविष्य का कोई पता नहीं रहता।

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यहां तक कि कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं जहां बच्चों की शादी उनके पैदा होने से पहले यानी गर्भ में ही कर दी गई। इस प्रथा को लेकर कई टीवी सीरियल बन चुके हैं जिसमें बालिका वधू और छोटी बहू जैसे सीरियल प्रमुख है। आज के लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे एक पति ने अपनी शादी बचपन में ही हो जाने के बावजूद ऑटो चला कर अपनी पत्नी को डॉक्टर बनाया।

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जयपुर का है यह मामला-: यह मामला जयपुर जिले के करेली गांव से जुड़ा हुआ है। इस गांव की रहने वाली दो सगी बहनों रूपा यादव और रुकमा यादव की शादी दो सगे भाइयों शंकरलाल और बाबूलाल के साथ कर दी गई। शादी के समय दोनों की उम्र करीब 8 वर्ष रही होगी।इतनी छोटी उम्र में शादी हो जाने के बाद रूपा यादव के सामने तमाम मुश्किलें खड़ी हो गई। रूपा पढ़ने में बहुत अच्छी थी उसने ससुराल में दसवीं की परीक्षा में 87 फ़ीसदी अंक हासिल किए। रिजल्ट से रूपा के ससुराल वाले बहुत खुश हुए और रूपा के जीजा बाबूलाल ने उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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पति ने ऑटो चला कर उठाया पढ़ाई का खर्चा-: मेडिकल की पढ़ाई का खर्च बहुत अधिक था लेकिन रूपा की चाहत थी कि वह डॉक्टर बने।घर की आर्थिक स्थिति भी उतनी अच्छी नहीं थी। आय का इकलौता साधन सिर्फ खेती है थी। ऐसे में रूपा के पति शंकरलाल ने ऑटो चला कर अपनी पत्नी की पढ़ाई का खर्चा निकालना शुरू कर दिया। रूपा ने कोटा में एडमिशन लिया और रोज 10 घंटे तक पढ़ाई की।

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कोचिंग के डायरेक्टर ने उठाया खर्चा-: रूपा अपने कोचिंग टेस्ट में हमेशा अव्वल आती थी। उसने नीट की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली थी। ऐसे में कोचिंग के निदेशक ने उसकी एमबीबीएस की पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाने का निर्णय लिया और उसकी एजुकेशन पूरी होने तक छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया। आज रूपा एक प्रसिद्ध डॉक्टर है। रूपा अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पति शंकर लाल और अपने ससुराल वालों को देती है। रूपा अपने पति के साथ मिलकर लोगों के लिए मिसाल पेश कर रही है।

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