8 सालों से नहीं हो रहा था बच्चा, फिर देवी मां के इस मंदिर का प्रसाद ग्रहण करते ही मिला संतान सुख

हर महिला की यह ख्वाहिश होती है कि वह मां बनने का सुख अवश्य प्राप्त करें. एक मां प्रसव पीड़ा सहकर अपने बच्चे को जन्म देती है. संतान का सुख एक महिला के लिए हर सुख से बड़ा होता है तभी तो महिला का सबसे ज्यादा जुड़ाव अपनी संतान से होता है लेकिन ऐसी भी कई महिलाएं होती हैं जो इस सुख से वंचित रह जाती हैं.

कई ऐसी महिलाएं हैं जो किसी परेशानी के कारण मां नहीं बन पाती. महिला अपनी संतान के लिए बड़े-बड़े अस्पताल से लेकर मंदिर तक का चक्कर लगाती हैं ताकि वह संतान के सुख से वंचित न रह सके. लेकिन आज हम आपको संतान प्राप्ति का एक ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप आश्चर्य हो जाएंगे.

दरअसल ये उपाय किसी अस्पताल का नहीं बल्कि यह एक चमत्कारी मंदिर का प्रसाद है. दक्षिण भारत में तमिलनाडु के विल्लुपुरम स्थिति इंदुम्बन मंदिर निसंतान महिलाओं को संतान देने के लिए जाना जाता है. इस मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा है इसकी रोजाना पूजा अर्चना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में जो महिला अगर मां दुर्गा का आशीर्वाद ही होती है उन्हें उनका विशेष प्रसाद मिलता है.

इसमें उन्हें जल्दी संतान की प्राप्ति का सुख प्राप्त होता है. लोग ऐसा कहते हैं इस मंदिर में आने पर महिला को पहले अपनी तरफ से मंदिर में एक फल मां को अर्पण करना होता है जिसके बाद मंदिर के पंडित द्वारा दूसरा फल महिला को दिया जाता है उस फल को खाने पर महिला को संतान का शुभ अवश्य मिलता है. आपको बता दें पंडित जी के द्वारा दिया गया फल सेव या फिर कुछ और ना होकर बल्कि एक नींबू होता है.

जिसे मां दुर्गा का आशीर्वाद माना जाता है इतना ही नहीं मां के प्रसाद में इतनी शक्ति होती है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी राह भी भटक जाता है तो उसे भी राह पर लाने का काम यह प्रसाद करता है. इस मंदिर का उदाहरण के लिए कई कहानियां भी सामने आई है जिसमें से एक नागपुर की कौशल्या जी की है. कौशल्या जी की शादी का 8 साल पहले हुई थी लेकिन अभी तक उनको किसी संतान सुख की प्राप्ति नहीं हुई थी.

जिसके चलते उन्होंने कई मंदिर से लेकर अस्पताल तक चक्कर लगाए थे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. जिसके बाद किसी ने चमत्कारी इंदुम्बन मंदिर के बारे में बताया. मंदिर के बारे में प्राप्त जानकारी के बाद कौशल्या जी मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंच गई जहां पर उन्हें मां दुर्गा का आशीर्वाद के रूप में प्रसाद दिया गया. उन्होंने जब इस प्रसाद का सेवन किया और इसके 10 महीने बाद ही उनके घर बच्चे की किलकारियां गूंजने लगी. लोग इसे मां दुर्गा का चमत्कार मानते हैं और दूर-दूर से महिलाएं संतान सुख की प्राप्ति के लिए इस मंदिर में आती हैं।