बिहार के टिकट कलेक्टर ने बनाया रिकॉर्ड, एक साल में वसूला 1.11 करोड़ का जुर्माना

हम लोग अक्सर रेलवे से सफर करना पसंद करते हैं. आप सब जानते हैं रेलवे में बिना टिकट सफर करने वाले लोगों से टीटी अच्छा खासा पैसा वसूल करता है और वसूले जाने वाले पैसों का रेलवे अपने विकास में इस्तेमाल करता है. लेकिन इन दिनों जो खबर सामने आई है उसके मुताबिक बिहार के शशि कुमार [ट्रेन टिकट एग्जामिनर] ने फाइन के तौर पर करीब 1 करोड़ तक की राशि वसूल की है.

आपको बता दे कि यह एक नया रिकॉर्ड बन गया है. बताया जा रहा है कि पटना के शशि कुमार ने ईस्ट सेंट्रल रेलवे में यह नया रिकॉर्ड बनाया है. इस रिकॉर्ड के मुताबिक शशि कुमार ने लगभग एक करोड़ 11 लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया है रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक यह जुर्माना वर्ष 2021-22 के दौरान 16430 यात्रियों से वसूल किया है.

अगर हिसाब लगाया जाए तो शशी कुमार मैं लगभग हर दिन 45 ऐसे यात्रियों पर फाइन लगाया है जो बिना टिकट लिए ट्रेन से सफर कर रहे थे. ऐसे में अगर हम मीडिया रिपोर्ट की मानें तो शशि ईस्ट सेंट्रल रेलवे के 5 मंडलों में पहले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने इतनी बड़ी धनराशि का जुर्माना वसूल किया है. ऐसे में अब चारों तरफ से शशि की तारीफें की जा रही है.

वैसे देखा जाए तो रेलवे में हर कोई शशि की इमानदारी से प्रभावित है. ऐसे में मीडिया ने भी शशि कुमार से बात करते हुए उनके इस काम के बारे में पूछा कि आखिर उन्होंने इतना बड़ा स्कोर कैसे पूरा किया.

शशि कुमार ने इस बात की पुष्टि की है कि इसके लिए रेलवे की ओर से कोई टारगेट नहीं दिया जाता है. सभी टीटी अपना काम बड़ी ईमानदारी के साथ करते हैं इसके लिए उन्होंने यह भी बताया कि स्कोर को टच करने को लेकर उन्होंने अपने काम के तरीके में थोड़ा बदलाव लाया. उन्होंने बताया कि एक जगह पर खड़े होकर चेक करने की जगह वह हर रोज 30 से ज्यादा ट्रेनों में घूम घूम कर बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों को पकड़ते थे और जुर्माना वसूल करते थे.

इतना ही नहीं शशि रोजाना पटना से लेकर बक्सर तक बिना टिकट के सफर करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते थे. ऐसे में वह बिना टिकट के सफर करने वाले यात्रियों पर नजर बनाए रखते हैं जब कभी ऐसे यात्री भागने की कोशिश करते हैं तब वह उनका पीछा कर उनसे जुर्माना वसूल कर लेते हैं.

इतना ही नहीं शशि ने कहा कि बिना टिकट के सफर करने वाले यात्रियों को पकड़ने पर उन्हें दो तरह से पैसे मिलते हैं एक तो विदाउट टिकट यात्रा करने वाले लोगों से 250 की फिक्स्ड पेनाल्टी चार्ज करते हैं तो वही दूसरा टिकट बनाने का चार्ज भी वसूल करते हैं. ऐसे में शशि का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी के दौरान उन्हें कई लोगों ने टिकट बनाने के लिए संपर्क किया था जिससे कि उन्हें भी इतने बड़े स्कोर को टच करने में मदद मिली.