16 साल की उम्र में Chess की दुनिया में रचा इतिहास, विश्व चैंपियन को हराकर देश का नाम किया रोशन

हमारे देश भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बस जरूरत है तो उन्हें वक्त पर सामने लाने की और उन्हें निखारने की। कितने प्रतिभाशाली लोगों को मौका नहीं मिलता और वह अपनी प्रतिभा को सामने नहीं ला पाते।

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लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो मौका मिलते ही उसे दोनों हाथों से लपक लेते हैं और अपनी प्रतिभा को सामने ले आते हैं। ऐसे ही अपने देश के सबसे छोटी उम्र के ग्रैंडमास्टर बने रमेशबाबू प्रागननंदा ने विश्व चैंपियन मैगनस कार्लसन को हरा दिया।

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ऑनलाइन रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में हराया-: आपको बता दें कि प्रांगण नंदा की उम्र महज 16 साल है और वह चेन्नई के रहने वाले हैं।उन्होंने सोमवार को सुबह खेली गई बाजी में विश्व चैंपियन मैगनस कार्लसन को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया। उन्होंने काले मोहरों से खेलते हुए करीब 39 चालों में मैगनस को हारने पर मजबूर कर दिया।

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दुनिया भर में हो रही चर्चा-: आर प्रगाननंदा की इस अप्रत्याशित जीत के बारे में पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। अपनी पिछली चार भाइयों में हार का सामना करने वाले प्रगाननंदा की मैगनस कार्लसन पर जीत अप्रत्याशित रही।

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वह टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से 12वें स्थान पर बने हुए हैं। अभी प्रारंभिक चरण की 7 बाजियां खेली जानी बाकी है। आने वाले मैचों में पराग नंदा के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए और भी बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।

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