मार्कंडेय पुराण के अनुसार नरक भोग कर पृथ्वी पर आए लोगों की यह होती है पहचान..

सनातन धर्म यानी हिंदू धर्म विश्व का सबसे पुराना धर्म है। धर्म शास्त्रों के अनुसार हर व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार स्वर्ग और नरक भोगना पड़ता है। आज के लेख में हम आपको बताएंगे कि मार्कंडेय पुराण के अनुसार वह 9 निशानियां जो नरक भोग कर दोबारा पृथ्वी पर आए मनुष्यों में होती है..

निर्दयता बरतना-: मार्कंडेय पुराण के अनुसार कि जो व्यक्ति वन्यजीवों या अन्य बेजुबान जीवो के प्रति दया भाव नहीं रखता और उनकी निर्ममता से हत्या कर देता है या उन्हें प्रताड़ित करता है। ऐसे व्यक्ति भी नरक भोग कर पृथ्वी पर वापस आए होते हैं और वह पुनः उन्हें कार्यों में लिप्त हो जाते हैं।

ईश्वर निंदा करना-: कुछ लोग धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाते हैं और ईश्वर पूजा और उनकी भक्ति को ढोंग और पाखंड बताते हैं। वह ईश्वर के होने का प्रमाण भी मांगते हैं। ऐसे लोग भी नरक लोक से दुख भोग कर वापस पृथ्वी पर आए होते हैं।

दूसरे का भेद खोलना-: किसी का विश्वास तोड़ना बहुत बड़ा अपराध होता है। अगर कोई व्यक्ति आपको अपना जानकर अपनी कोई निजी बात आपको बताएं तो उसे किसी और के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए। मगर कुछ लोग ऐसा नहीं कर पाते।मार्कंडेय पुराण के अनुसार वह लोग भी नरक लोक से पृथ्वी पर आए होते हैं।

मनुष्यों की हत्या करना-: इस पृथ्वी पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें हर समस्या का समाधान सामने वाले की मौत ही लगती है। अतः वह बिना सोचे समझे या साजिशन किसी व्यक्ति की हत्या कर देते हैं। शास्त्रों के अनुसार ऐसा व्यक्ति भी नरक लोक से दुख भोग घर वापस पृथ्वी पर आया होता है।

छल कपट करने वाले-: जो व्यक्ति दूसरों के साथ छल कपट करते हैं या उन्हें धोखा देते हैं ऐसे व्यक्ति भी मार्कंडेय पुराण के अनुसार नरक का दुख भोग कर पृथ्वी पर आए होते हैं और वह पुनः उन्हें कार्य में लिप्त हो जाते हैं।

दूसरों का हक मारने वाला-: मार्कंडेय पुराण के अनुसार दूसरों का हक मारने को सबसे बड़ा पाप बताया गया है। क्योंकि जो वस्तु आपके अधिकार में नहीं है उस पर आप अधिकार नहीं जमा सकते। ऐसे व्यक्ति जो दूसरों का हक मारे या उनकी वस्तु को छीन कर अपना बना ले वह भी नरक लोक से पृथ्वी पर दुख भोगने आते हैं।

परस्त्री या परपुरुष का सेवन करना-: शास्त्रों में वासना को सबसे बड़ा पाप बताया गया है और इसे ही पुनर्जन्म का सबसे बड़ा कारण भी बताया गया है। मगर कुछ व्यक्ति ऐसे भी होते हैं जो परस्त्री या परपुरुषों का सेवन करते हैं। शास्त्रों के अनुसार ऐसे व्यक्ति भी नरक लोक से दुख भोग कर पृथ्वी पर आए होते हैं।

परनिंदा करने वाला-: जो व्यक्ति दूसरों की निंदा करता है वह खुद अपने जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति दूसरों की निंदा करता है अपने जीवन में अति व्याकुलता से परेशान रहता है। ऐसे व्यक्ति भी नरक लोक से दुख भोग कर आए होते हैं।

उपकार न मानने वाला-: हमें हमेशा से या सिखाया गया है कि अगर कोई हमारी मदद करें तो हमेशा उसका उपकार मानना चाहिए। लेकिन कुछ व्यक्ति ऐसे भी होते हैं जो दूसरों से मदद ले कर भी उनका उपकार नहीं मानते। ऐसे व्यक्ति भी नरक लोक से कड़ी सजा भुगत कर पृथ्वी पर आए होते हैं और वापस उन्हीं कार्यों में लिप्त हो जाते हैं।

शास्त्रों के अनुसार ऐसा इसलिए होता है कि उनके पापकर्म काफी बड़े होते हैं इसलिए उन्हें उनके कर्मों के अनुसार वापस पृथ्वी पर उसकी सजा भुगतने के लिए भेजा जाता है।

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