Metro में बच्चा लिए जमीन पर बैठी रही महिला, किसी ने नहीं दी सीट, IAS बोले- ऐसी डिग्री का क्या फायदा

कहा जाता है कि हम कितनी भी पढ़ाई लिखाई कर ले लेकिन अगर हमारा व्यवहार दूसरों के प्रति संवेदनशील या ठीक नहीं है तो वो पढ़ाई हमारे किसी काम की नहीं। मुंबई की लोकल और दिल्ली की मेट्रो में जगह पाना अपने आप में एक जंग जीतने के बराबर है।दरवाजा खुलते हैं लोग काफी तेजी से अंदर घुसते हैं और मौका पाते ही सीट पर कब्जा करते हैं। सीट पर बैठने के बाद वह ध्यान नहीं देते कि अगर उनके सामने कोई बुजुर्ग या कोई महिला है तो उसे सम्मान दें। ऐसी ही एक तस्वीर दिल्ली मेट्रो से सामने आई है।

IAS अवनीश शरण ने किया शेयर-: IAS अवनीश शरण ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें दिख रहा है कि एक महिला अपनी मासूम बच्ची के साथ मेट्रो के फर्श पर बैठी हुई है। आसपास के लोगों ने उस महिला के प्रति सहानुभूति नहीं दिखाई और उसे फर्श पर बैठने पर मजबूर होना पड़ा। इस वीडियो को शेयर करते हुए IAS अवनीश शरण ने लिखा कि आप की डिग्री का कोई फायदा नहीं जब तक वह आपके व्यवहार में ना झलके।

 

लोगों ने दी मिली जुली प्रतिक्रिया-: IAS अवनीश शरण के इस पोस्ट पर लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। “एक यूजर ने लिखा कि 8 से 9 घंटे की शिफ्ट करने के बाद 2 घंटे आदमी को घर पहुंचने में लगते हैं आपके पास सरकारी घर और सरकारी कार है तभी आप इतनी सुविधाएं पाते हैं”। वही नमो कारिणी नाम की ट्विटर यूजर ने लिखा कि “आपकी बात सोलह आने सच है मगर एक मां अपने बच्चे के साथ इस पोजीशन में बैठने में अपने आप को बहुत आराम महसूस करती है.

शायद आप सिक्के का दूसरा पहलू मिस कर रहे हैं मैं श्योर नहीं हूं लेकिन मैं उम्मीद करती हूं कि वह महिला आराम से बैठी होगी”। वही एनपी नाम के एक यूजर ने IAS की क्लास लगाते हुए कहा कि “ज्यादा ज्ञान मत दिया करो। उसे आराम मिल रहा है तभी तो वह नीचे बैठी है। हो सकता है किसी ने उसे सीट ऑफर की हो और उसने मना कर दिया हो! सीट पर जो बैठे हैं वह भी तो थके हो सकते हैं!”

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