एक साथ जन्में 4 बच्चे, महिला ने 1 बेटा और 3 बेटियों को दिया जन्म, परिवार में आई 4 गुना खुशियां

इस दुनिया में मां और बेटे का रिश्ता सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है. एक मां प्रसव पीड़ा सहकर अपने बच्चे को जन्म देती है. 9 महीने तक बच्चे को घर में रखने के चलते भारत देश में औरतों को देवी की तरह पूजा जाता है. शादी के बाद हर शादीशुदा जोड़ा यही चाहता है कि उसको जल्द से जल्द संतान सुख की प्राप्ति हो. परंतु कई बार ऐसा भी देखा गया है कि कई महिलाएं संतान सुख की प्राप्ति से वंचित रह जाती है.

जिन लोगों को लंबे समय तक संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो पाती क्या गुजरती है इसका अंदाजा सिर्फ वह लोग ही लगा सकते हैं. अगर किसी दंपत्ति की कोई संतान नहीं होती तो उनके दुख का अंदाजा कोई भी नहीं लगा सकता. मां तो बच्चे की लालसा में तड़पती रहती है लेकिन कहते हैं न भगवान के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं..

कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले से सामने आया है जहां पर 22 साल की महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया है. एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती हुई महिला को डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन के बाद एक बेटा और तीन बेटियों को जन्म कराया. 4 बच्चों के जन्म लेने के बाद यह मामला पूरे जिले में एक चर्चा का विषय बना हुआ है वही एक सर 4 बच्चों को जन्म देने वाली महिला ने परिवार में चार गुनी खुशियां बढ़ा दी है 4 बच्चों के जन्म के बाद उस महिला के परिवार वाले काफी खुश हैं

मिली जानकारी के मुताबिक नगर क्षेत्र के शुक्लाई गांव के निवासी मोहम्मद आलम की 22 वर्ष के पत्नी नूर आलम शुक्रवार शाम को अंजना हॉस्पिटल में भर्ती होने जिसको डॉ अबरार ने भर्ती किया और तीन बेटियों और एक बेटे के साथ डिलीवरी करवाई. डॉ अबरार के अनुसार जन्म लेने वाली एक बेटी का वजन 1 किलो 100 ग्राम और बेटे व दो बेटियों का वजन 1 किलो है आपकी जानकारी के लिए बता दे चारों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं. चारों बच्चों के एक साथ जन्म के बाद परिवार में खुशियों का माहौल बना हुआ है. बच्चों के जन्म के बाद परिवार के लोगों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.

एक साथ 4 बच्चों को जन्म देने वाली महिला ने परिवार में चार गुना खुशियां ला दी है. बच्चों की दादी का ऐसा कहना है कि बहू ने 4 बच्चों को जन्म दे दिया है जिसमें तीन बेटियां और एक बेटा है. दादी का ऐसा कहना है कि 4 नवजात बच्चों का पिता मोहम्मद आलम कुवैत में नौकरी करता है जो पिछले वर्ष लॉकडाउन के चलते हैं गांव आ गया और यहां महिला से शादी की. बच्चे की दादी ने कहा कि हमारे घर 4 बच्चों ने जन्म लिया है जिससे वह काफी खुश हैं।