14 Feb ब्लैक डे: पुलवामा हमले के 3 साल, एक साथ शहीद हुए थे 40 जवान, जानते हैं विस्तार से…

14 फरवरी का दिन पूरी दुनिया में प्रेम के प्रतीक वैलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है। लेकिन भारत में इसे बलिदान दिवस के नाम से जाना जाता है। क्योंकि इसी दिन 2019 में श्रीनगर के पुलवामा में सेना के जवानों से भरी बस पर आतंकी हमला हुआ था जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। आज फिर आतंकियों द्वारा दिए गए उस जख्म की यादें ताजा हो गई हैं। एक झटके में भारत ने अपने 40 वीर जवान खो दिए थे। आइए जानते हैं विस्तार से!

चल रही थी सेना की शिफ्टिंग:

दरअसल उस दिन सेना में ट्रांसफर का काम चल रहा था। इसीलिए बड़ी संख्या में सेना के जवान एक जगह से दूसरी जगह ले जाए जा रहे थे। हमेशा की तरह सेना का यह काफिला आमजन की परेशानियों का ध्यान रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 22 से जा रहा था। इस काफिले में करीब 76 बसें शामिल थी जो भारतीय सेना के जवानों से भरी हुई थी।

आतंकियों ने अचानक किया हमला-:

सेना अपने रास्ते से गुजर ही रही थी कि अचानक विस्फोटक पदार्थों से भरी हुई एक कार सेना के एक बस से टकरा गई उसी क्षण एक तेज धमाका हुआ। चारों तरफ अफरा तफरी फैल गई। कुछ देर बाद जब नजारा साफ हुआ तो वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था।

चारों तरफ मांस के टुकड़े बिखरे हुए थे और खून ही खून दिख रहा था। अभी सेना कुछ समझ पाती आतंकियों ने तत्काल फायरिंग शुरू कर दी और सेना के जवाबी कार्यवाही करने से पहले वह भाग निकले।

पाकिस्तानी आतंकी संगठन ने ली हमले की जिम्मेदारी-:

इस हमले के बाद पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद हमले की जिम्मेदारी ली। विस्फोटक पदार्थों से भरी कार को सेना के बस से टकराने वाले आतंकी की पहचान आदिल अहमद के रूप में हुई।वह करीब 2 साल से इस संगठन से जुड़ा था।

उठे थे कई सवाल-:

सेना पर इस दुर्दांत हमले को लेकर कई सवाल भी उठे। पहला सवाल तो यह था कि सेना अपने सभी ऑपरेशन और ट्रांसफर काफी गोपनीय ढंग से करती है तो आतंकियों उसकी खबर कैसे मिली? दूसरी इस राजमार्ग से सेना का काफिला गुजर रहा था उस पर किसी निजी वाहन को क्यों जाने दिया गया? उसकी जांच क्यों नहीं हुई?

हमारे देश की खुफिया एजेंसी उस वक्त क्या कर रही थी? हमारी खुफिया एजेंसी की जरा सी चूक की वजह से भारत ने अपने 40 वीर जवान खो दिए। आज पुलवामा हमले की तीसरी बरसी पर हम सेना के उन सभी वीर जवानों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

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