कुकर में फंसा 1 साल की बच्ची का सिर, डॉक्टर भी हुए फेल, 45 मिनट के बाद ऐसे निकाला बाहर

अक्सर कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा पसंदीदा खेल लुका छुपी खेलना पसंद करते हैं लेकिन कभी-कभी खेल खेलना बच्चों के लिए गलत साबित हो जाता है जिसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है. एक ऐसा ही मामला गुजरात राज्य के भावनगर जिले से आया है जिसमें 1 साल की बच्ची प्रियांशी ने खेल-खेल में अपने सिर में प्रेशर कुकर फंसा लिया. परिजनों ने बच्ची के सिर से प्रेशर कुकर निकालने के लिए काफी मशक्कत की लेकिन नाकामयाब रहे.

वहीं दूसरी तरफ बच्ची का शेर प्रेशर कुकर में फंसने के कारण उसकी हालत गंभीर होती जा रही थी. ऐसे में बच्ची के परिजनों ने बच्ची को उसी अवस्था में हॉस्पिटल लेकर गये. हॉस्पिटल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने बच्ची के मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाकर प्रेशर कुकर को काटना पड़ा और बच्ची का सिर निकालना पड़ा.

सूत्रों के मुताबिक यह पूरा मामला भावनगर के चिल्ला स्टेट का है. परिजनों द्वारा बच्ची को हॉस्पिटल ले जाने के बाद वहां स्थित डॉक्टर बच्ची की यह गंभीर हालत देखकर हैरान रह गये. डॉक्टरों ने बच्ची को एडमिट किया और बच्चे के मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाया ताकि बच्ची को सांस लेने में कठिनाई ना हो. डॉक्टर के काफी मशक्कत करने के बावजूद भी बच्ची का सिर फ्रेशरकुकर से बाहर नहीं निकला.

डॉक्टरों को प्रेशर कुकर काटना पड़ा जिसके लिए उन्हें बर्तन काटने वाले व्यक्ति को बुलाया. कुकर काटने वाले व्यक्ति ने बच्चे के गंभीर अवस्था को देखते हुए बहुत ही ध्यान से प्रेशर कुकर को धीरे धीरे काटना शुरू किया. 45 मिनट तक बर्तन काटने वाले ने गंभीर अवस्था में बड़ी मशक्कत के साथ प्रेशर कुकर को काटने में सफल रहा. फिर सावधानीपूर्वक बच्चे का शरीर धीरे-धीरे प्रेशर कुकर से बाहर निकाला.

प्रेशर कुकर काटने की वजह से बच्चे के सिर में हल्की-फुल्की चोट भी आई है जिसके लिए बच्चे को हॉस्पिटल में डॉक्टर की देखरेख में रखना पड़. बच्ची के परिजनों ने यह बताया कि यह बच्ची लुका छुपी का खेल खेल रही थी और बच्चे रसोई घर में खेल रहे थे. उन्होंने बताया कि खेलते खेलते बच्ची ने अपने सिर पर कुकर से ढकने की कोशिश की.

काफी देर तक जब बच्चे की कोई आवाज नहीं आई तब घर के परिजनों ने उसे ढूंढने की कोशिश की फिर परिजनों ने देखा कि बच्चे का सिर प्रेशर कुकर में अटक गया है. परिजनों ने भी लाख कोशिश की लेकिन बच्ची के सिर से प्रेशर कुकर निकालने में असमर्थ रहे. डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची खतरे से बाहर है बच्ची के दिमाग और स्पाइन ब्लड सरकुलेशन में कोई दिक्कत नहीं हुई है.